Borosil Ltd के निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कंपनी ने अपने जयपुर प्लांट में प्रोडक्शन को पूरी तरह से बहाल कर दिया है, जिससे लंबे समय से चली आ रही सप्लाई की दिक्कतें खत्म हो गई हैं।
3 अप्रैल, 2026 को कंपनी ने घोषणा की कि उसके जयपुर स्थित प्रेसवेयर प्रोडक्ट्स के लिए बोरोसिलिकेट ग्लास फर्नेस और ओपल ग्लास फर्नेस सामान्य क्षमता पर काम करना शुरू कर चुके हैं। यह डेवलपमेंट मार्च 2026 में LPG सप्लाई पर लगी पाबंदियों के बाद आया है, जिसने कंपनी के संचालन को बुरी तरह प्रभावित किया था।
उस दौरान, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने मध्य पूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tensions) और ग्लोबल फ्यूल रूट में आई बाधाओं के चलते LPG सप्लाई पर 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure) घोषित कर दिया था। इस कारण Borosil के जयपुर प्लांट में प्रेसवेयर फर्नेस को बंद करना पड़ा और ओपल ग्लास फर्नेस का काम भी सीमित हो गया था। कंपनी ने OMCs और सरकारी निकायों का आभार व्यक्त किया है कि उन्होंने इस मसले को सुलझाने में मदद की।
प्रोडक्शन का सामान्य स्तर पर लौटना Borosil के लिए एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल रिकवरी (Operational Recovery) है। इससे कंपनी अब बाजार की मांग को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेगी और अपने रेवेन्यू स्ट्रीम (Revenue Streams) को फिर से बढ़ा सकेगी। शेयरधारकों को उम्मीद है कि इससे कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
हालांकि, LPG सप्लाई की निरंतर उपलब्धता कंपनी के लिए एक प्रमुख जोखिम (Risk) बनी हुई है। मध्य पूर्व में कोई भी नई भू-राजनीतिक घटना सप्लाई को फिर से बाधित कर सकती है। मार्च 2026 तक Borosil का मार्केट कैप (Market Cap) लगभग ₹2,810 करोड़ था। कंपनी ने FY25 में ₹1,107.77 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) और ₹74.24 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था। निवेशक अब LPG सप्लाई की स्थिरता और कंपनी के भविष्य के नतीजों पर नजर रखेंगे।