दमदार प्रदर्शन: रेवेन्यू ₹2,843 करोड़, मुनाफा ₹211 करोड़
Bondada Engineering Ltd ने अपने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने शानदार वित्तीय और ऑपरेशनल ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल की तुलना में 81.0% का उछाल आया और यह ₹2,843 करोड़ पर पहुंच गया। इसी के साथ, नेट प्रॉफिट 86.5% बढ़कर ₹211 करोड़ हो गया। कंपनी का EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) भी 91.3% बढ़कर ₹326.6 करोड़ रहा। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी की नेट डेट पोजीशन ज़ीरो (zero net debt) रही और ऑपरेशंस से पॉजिटिव कैश फ्लो दर्ज किया गया।
₹7,147 करोड़ की ऑर्डर बुक और नई दिशाएं
31 मार्च, 2026 तक बॉन्डाडा इंजीनियरिंग की ऑर्डर बुक करीब ₹7,147 करोड़ की हो गई है। इसमें AP 2GW IPP प्रोजेक्ट के लिए ₹9,000 करोड़ के ऑर्डर वैल्यू को अलग रखा गया है। कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी और टेलीकॉम सेक्टर्स में एंड-टू-एंड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) और ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) सेवाएं प्रदान करती है।
भविष्य की ग्रोथ: BESS, डेटा सेंटर और डिफेंस में बड़ा दांव
कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है। अब यह बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS), डेटा सेंटर्स और डिफेंस जैसे नए और तेजी से बढ़ते सेक्टर्स में विस्तार कर रही है। यह विविधीकरण (diversification), रिन्यूएबल एनर्जी और टेलीकॉम में अपनी मजबूत स्थिति के साथ, 2030 तक 1 बिलियन डॉलर (लगभग ₹8,300 करोड़) रेवेन्यू वाली कंपनी बनने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।
मेनबोर्ड पर माइग्रेशन और पिछला प्रदर्शन
बॉन्डाडा इंजीनियरिंग, जिसकी स्थापना 2012 में हुई थी, 30 अगस्त, 2023 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई थी और लिस्टिंग के दिन 99.49% का जबरदस्त रिटर्न दिया था। कंपनी का लक्ष्य FY27 तक BSE और NSE दोनों के मेनबोर्ड पर माइग्रेट करना है। हाल के महीनों में, कंपनी ने NTPC ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से ₹391 करोड़ और NLC इंडिया लिमिटेड से ₹945.1 करोड़ के बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स के ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी BESS और डिफेंस सेक्टर्स में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी ने भविष्य को लेकर कुछ अनुमान जारी किए हैं, जो जोखिमों और अनिश्चितताओं के अधीन हो सकते हैं। ऐसे में, वास्तविक नतीजे इन अनुमानों से अलग हो सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें।
कॉम्पिटिशन और आगे की राह
बॉन्डाडा इंजीनियरिंग रिन्यूएबल एनर्जी EPC में टाटा पावर सोलर, स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी और वारी एनर्जीज़ जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करती है। टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में इंडस टावर्स और HFCL प्रमुख प्लेयर हैं, जबकि BESS सेगमेंट में Exide Industries और Amara Raja Energy & Mobility शामिल हैं। निवेशकों को 2030 तक 25 GW रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी और 1 बिलियन डॉलर के रेवेन्यू लक्ष्य पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, 1.5 GWp EPC प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग, नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी, डिफेंस सेगमेंट में ऑर्डर फ्लो और TSGENCO व अन्य PSUs के साथ BESS प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। कंपनी के BSE और NSE के मेनबोर्ड पर माइग्रेशन की टाइमलाइन पर भी नजर रखी जा सकती है।
