मैनेजमेंट में बड़ा फेरबदल
Bombay Burmah Trading Corporation Limited (BBTC) के लिए यह एक महत्वपूर्ण मैनेजमेंट ट्रांजीशन (Management Transition) का दौर है। कंपनी के COO, राजीव अरोड़ा, ने 31 मार्च, 2026 से प्रभावी अपने पद से हटने का फैसला किया है। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने यह निर्णय व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से लिया है।
उत्तराधिकारी की तलाश शुरू
राजीव अरोड़ा, जिनकी नियुक्ति 13 फरवरी, 2024 को हुई थी, कंपनी के दिन-प्रतिदिन के कामकाज को संभालने में अहम भूमिका निभा रहे थे। उनके इस्तीफे के बाद, अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि BBTC अपने नए COO के रूप में किसे नियुक्त करती है। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह बदलाव कंपनी के विभिन्न व्यावसायिक खंडों में ऑपरेशनल कंटिन्यूटी (Operational Continuity) को कैसे प्रभावित करता है।
अरोड़ा का अनुभव और BBTC की पृष्ठभूमि
राजीव अरोड़ा अपने साथ 38 साल से अधिक का अनुभव लेकर BBTC में आए थे। उन्होंने IIM बैंगलोर से MBA किया है और केमिकल इंजीनियरिंग में पृष्ठभूमि रखते हैं। इससे पहले, वह DCM Shriram Group का हिस्सा रहे Shriram Axiall Private Limited में प्रेसिडेंट और बिज़नेस हेड जैसे वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं।
BBTC खुद एक ऐतिहासिक कंपनी है, जिसकी स्थापना 1863 में हुई थी और यह Wadia Group का हिस्सा है। यह कंपनी चाय बागान, ऑटो इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, हेल्थकेयर, हॉर्टिकल्चर और 'Manna Foods' जैसे ब्रांड्स के तहत खाद्य उत्पादों जैसे कई क्षेत्रों में सक्रिय है।
SEBI सेटलमेंट और निवेशक चिंताएँ
हाल ही में, जनवरी 2025 में, कंपनी और उसके प्रमोटरों, जिनमें नुस्ली वाडिया भी शामिल हैं, ने SEBI के साथ शेयरधारिता प्रकटीकरण उल्लंघन के एक मामले को सुलझाया था, जिसके लिए उन्होंने ₹2.12 करोड़ का भुगतान किया था।
अब BBTC के सामने एक नया COO नियुक्त करने की चुनौती है। नेतृत्व में किसी भी तरह के खालीपन के दौरान कामकाज में संभावित समस्याएँ, और Wadia Group के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) को लेकर सामान्य बाजार चर्चाएँ, निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं। कंपनी के Britannia Industries Ltd. जैसे प्रमुख निवेशों को देखते हुए, यह नेतृत्व परिवर्तन उसके भविष्य की रणनीतियों पर असर डाल सकता है।
