डोमेस्टिक ग्रोथ से कंपनी को मिली मजबूती
BirlaNu Limited, जो पहले HIL Limited के नाम से जानी जाती थी, ने अपने बिल्डिंग सॉल्यूशंस बिजनेस में दमदार ग्रोथ दिखाई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने स्टैंडअलोन EBITDA में 39% की वृद्धि दर्ज की है। इस शानदार परफॉरमेंस का मुख्य कारण इंडिया में कंस्ट्रक्शन केमिकल्स और वॉल्स (Walls) सेगमेंट में जबरदस्त ग्रोथ है। कंस्ट्रक्शन केमिकल्स सेगमेंट ने ₹100 करोड़ का रेवेन्यू पार कर लिया है, जो पिछले साल की तुलना में 45% अधिक है। वहीं, वॉल्स सेगमेंट में पूरे साल 14% की ग्रोथ देखी गई, और चौथी तिमाही (Q4) में वॉल्यूम 20% से अधिक बढ़ा।
नए नाम और एक्विजिशन का असर
कंपनी ने हाल ही में अपना रीब्रांडिंग HIL से BirlaNu किया है, ताकि अपनी विस्तृत बिल्डिंग सॉल्यूशंस पेशकशों के लिए एक एकीकृत पहचान बना सके। हाल ही में एक्वायर की गई Clean Coats कंपनी ने भी पहले 4.5 महीनों में ₹20 करोड़ का रेवेन्यू योगदान दिया है, जिससे स्पेशियलिटी कंस्ट्रक्शन केमिकल्स और कोटिंग्स में BirlaNu की स्थिति और मजबूत हुई है। पाइपर (Pipes) सेगमेंट में भी कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद Q4 में मार्जिन 1,300 बेसिस पॉइंट्स तक सुधरा है।
यूरोप में चुनौतियां और इंपेयरमेंट चार्ज
जहां डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी शानदार कर रही है, वहीं इसकी यूरोपीय सब्सिडियरी Parador को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण, Parador को ₹74 करोड़ का इंपेयरमेंट चार्ज लगा है और इसके रेवेन्यू में 7% की गिरावट आई है। मैनेजमेंट अब Parador के लिए एक टर्नअराउंड प्लान पर फोकस कर रहा है।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
BirlaNu ने $1 बिलियन के रेवेन्यू का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी विस्तार पर ध्यान दे रही है। पटना में एक नया OPVC प्लांट और नेल्लोर में एक ग्रीनफील्ड बोर्ड्स प्लांट निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा, BCG के मार्गदर्शन में एक वैल्यू एनहांसमेंट प्रोग्राम चलाया जा रहा है, जिसके फायदे FY27 से मिलने की उम्मीद है।
संभावित जोखिम
कंपनी को कुछ जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें यूरोपीय यूनिट Parador का टर्नअराउंड, आयातित कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता, रुपये का अवमूल्यन और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं शामिल हैं। मार्च 2026 में पीवीसी रेजिन की कीमतों में करीब 60% का उछाल पाइप सेगमेंट के मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।