दमदार नतीजों से शेयरधारकों को मिला तोहफा
Birla Corporation ने Financial Year 2025 के लिए अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 4.94% बढ़कर ₹9,772.56 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹9,312.40 करोड़ थी। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 88.87% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹295.22 करोड़ से बढ़कर ₹557.58 करोड़ हो गया है।
कंपनी के मैनेजमेंट ने इस मजबूत ग्रोथ का श्रेय बेहतर ऑपरेशनल परफॉरमेंस और कॉस्ट मैनेजमेंट को दिया है। इस मुनाफे को देखते हुए बोर्ड ने ₹12.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिससे शेयरधारकों को सीधा फायदा होगा।
सीमेंट क्षमता का विस्तार जारी
नतीजों के साथ ही, कंपनी ने अपने कुंडंगंज स्थित ग्राइंडिंग यूनिट में 1.4 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की सीमेंट क्षमता का विस्तार भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह कदम कंपनी के सीमेंट बिजनेस को और मजबूत करेगा और भविष्य की डिमांड को पूरा करने में मदद करेगा।
₹167 करोड़ के कानूनी मुद्दे
सकारात्मक नतीजों के बीच, Birla Corporation को पश्चिम बंगाल सरकार के साथ चल रहे कानूनी विवादों के चलते ₹167 करोड़ से अधिक का प्रोविजन (प्रावधान) बुक करना पड़ा है। ये विवाद मुख्य रूप से इंसेंटिव स्कीम्स और माइनिंग राइट्स (खनन अधिकार) से जुड़े हैं।
इन लीगल इश्यूज के तहत कंपनी ने वेस्ट बंगाल इंसेंटिव स्कीम्स (WBIS 2000 और WBSS 2008) के रिवोकेशन के लिए ₹69.29 करोड़, माइनिंग राइट्स के री-असेसमेंट के लिए ₹28.05 करोड़ और नई लेबर कोड्स के चलते ग्रेच्युटी व कॉम्पेनसेटेड एब्सेंसेज पर ₹34.14 करोड़ का प्रोविजन किया है। इसके अलावा, वेस्ट बंगाल सरकार से मिलने वाले इंसेंटिव्स और सब्सिडी पर ₹35.68 करोड़ का एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) प्रोविजन भी शामिल है। कुल मिलाकर यह राशि ₹167.16 करोड़ बैठती है।
निवेशकों की नजर इन बातों पर
निवेशक अब कंपनी की एनालिस्ट कॉल का इंतजार कर रहे हैं, जहां मैनेजमेंट इन नतीजों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात करेगा। खासकर, पश्चिम बंगाल सरकार के साथ चल रहे कानूनी मामलों का संभावित समाधान, कुंडंगंज यूनिट से आने वाला रेवेन्यू, और कंपनी के नए कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) और मार्जिन को लेकर गाइडेंस पर सबकी नजरें होंगी।
