Caprihans India में बढ़ी Bilcare की हिस्सेदारी, UK सब्सिडियरी का हुआ खात्मा
30 मार्च 2026 को Bilcare Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कंपनी के कुछ अहम कॉर्पोरेट एक्शन (corporate actions) की समीक्षा की। इसी कड़ी में, कंपनी ने 23 मार्च 2026 को Caprihans India Limited के 31,50,000 प्रिफरेंस शेयर्स को ₹3.15 करोड़ में रिडीम किया।
इसके अलावा, 20 से 25 मार्च 2026 के बीच, Bilcare ने Caprihans India Limited के 12,90,000 वारंट्स को इक्विटी शेयर्स में कंवर्ट किया। इस कदम से Caprihans India Limited में Bilcare की हिस्सेदारी बढ़ गई है।
क्यों अहम हैं ये बदलाव?
Caprihans India Limited में बढ़ी हुई हिस्सेदारी यह दर्शाती है कि Bilcare इस पैकेजिंग सॉल्यूशंस फर्म पर अपना फोकस बनाए हुए है। दूसरी ओर, Bilcare GCS Limited, जिसकी टर्नओवर ₹11.88 लाख थी, को बंद करने से कंपनी के स्ट्रक्चर को सरल बनाने और एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों को कम करने में मदद मिलेगी।
पिछली कहानी और भविष्य की राह
Bilcare ने 2010 में INEOS Films का बिजनेस खरीदने के बाद Caprihans India Limited का अधिग्रहण किया था। Bilcare खुद 2019 में NCLT प्रोसीडिंग्स से गुजरी थी। 2023 के एक सेटलमेंट में, Caprihans India Limited ने Bilcare के ऑपरेटिंग एसेट्स खरीदे थे, जिससे Bilcare को अपने लेंडर्स का भुगतान करने में मदद मिली। Bilcare लगातार Caprihans में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है, जिसमें जनवरी 2025 और मार्च 2026 की खरीद भी शामिल है।
Bilcare GCS Limited के लिक्विडेशन (liquidation) से GBP 195,781.83 की राशि Bilcare Limited को मिलनी है, जो अभी उसके अकाउंट में क्रेडिट होनी बाकी है। कंपनी को मई 2024 में SEBI से रिपोर्टिंग वॉयलेशन के लिए ₹11 लाख का जुर्माना भी भुगतना पड़ा था।
आगे क्या देखना है?
यह देखना अहम होगा कि Bilcare GCS Limited से लिक्विडेशन की राशि कंपनी के खाते में कब तक आती है। साथ ही, सब्सिडियरी लिक्विडेशन से जुड़े SEBI के रेगुलेटरी कम्प्लायंस पर भी नजर रहेगी। Caprihans India Limited के भविष्य के परफॉरमेंस और Bilcare की बढ़ी हुई हिस्सेदारी के बाद कंपनी की स्ट्रैटेजी पर भी नजर रखी जाएगी।