Agarwal Coal Corporation Private Limited ने Bihar Sponge Iron Ltd (BSIL) को ₹16.92 करोड़ के कथित बकाया ऑपरेशनल कर्ज के लिए Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) के तहत एक डिमांड नोटिस थमाया है।
कंपनी इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर रही है। BSIL ने कहा है कि उसने न तो इस नोटिस को स्वीकार किया है और न ही इसका कोई जुर्म (admission) किया है। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि उसके बही-खातों (books) में इस दावे के तहत कोई भी देनदारी (liability) दर्ज नहीं की गई है। BSIL इस मामले पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर चुकी है।
कंपनी द्वारा 14 अप्रैल, 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, यह नोटिस ₹16,91,99,617 (यानी ₹16.92 करोड़) की राशि के लिए है, जो कि कथित तौर पर एक Opaerational Debt है। यह दावा IBC, 2016 के तहत दायर किया गया है।
IBC के तहत जारी किया गया ऐसा नोटिस, अगर कर्ज का निपटारा न हो या विवाद सफलतापूर्वक न सुलझाया जाए, तो दिवालियापन (insolvency) की कार्यवाही का पहला कदम साबित हो सकता है। भले ही कंपनी दावे का विरोध कर रही हो, ऐसे नोटिस शेयरधारकों के लिए अनिश्चितता पैदा कर सकते हैं और स्टॉक की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि Bihar Sponge Iron Limited पहले भी वित्तीय चुनौतियों से गुजरी है। कंपनी ने IBC के तहत कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) का सामना किया था। अक्टूबर 2021 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा BSIL के लिए एक समाधान योजना (resolution plan) को मंजूरी दी गई थी।
शेयरधारकों को BSIL द्वारा शुरू की गई कानूनी कार्यवाही पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। कंपनी के लिए इस दावे का सफलतापूर्वक विरोध करना बहुत महत्वपूर्ण होगा। BSIL द्वारा किसी भी तरह की देनदारी की स्वीकारोक्ति या मान्यता स्थिति को काफी बदल सकती है।
यदि Agarwal Coal Corporation Private Limited अदालत में अपना दावा साबित करने में सफल रहती है, तो Bihar Sponge Iron Limited पर एक बड़ी वित्तीय देनदारी आ सकती है। इस कानूनी लड़ाई में प्रबंधन का काफी समय लग सकता है और इसमें भारी खर्च भी आ सकता है। लंबी खींचने वाली यह लड़ाई बिजनेस ऑपरेशंस और निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती है।
हालांकि BSIL को यह IBC नोटिस मिला है, भारतीय स्टील क्षेत्र की अन्य प्रमुख कंपनियों में JSW Steel, Tata Steel, Jindal Stainless और APL Apollo Tubes शामिल हैं। ये कंपनियां एक प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करती हैं।
निवेशकों को मांग नोटिस की समीक्षा पर Bihar Sponge Iron Limited के नतीजों पर नज़र रखनी चाहिए। विवाद के संबंध में BSIL की ओर से कोई भी औपचारिक कानूनी प्रतिक्रिया या फाइलिंग, साथ ही IBC दावे से संबंधित न्यायिक निर्णय या समाधान, महत्वपूर्ण होंगे। भविष्य की निवेशक कॉल्स या खुलासों के दौरान प्रबंधन की टिप्पणियां भी अहम रहेंगी।