Bigbloc Construction Limited ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रभावी रूप से Valorem Advisors को अपना नया Investor Relations (IR) सलाहकार नियुक्त किया है। कंपनी ने यह भी घोषणा की है कि वह अपने पिछले सलाहकार Churchgate Advisory Private Limited के साथ अपना करार समाप्त कर रही है, जो कंपनी की IR गतिविधियों को संभाल रही थी।
यह रणनीतिक बदलाव Bigbloc Construction के निवेशकों और व्यापक वित्तीय बाज़ार के साथ संवाद को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है। Investor Relations (IR) सूचीबद्ध कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण कार्य है, जो कंपनी और उसके शेयरधारकों (Shareholders), विश्लेषकों (Analysts) और निवेश समुदाय के बीच आवश्यक संचार का प्रबंधन करता है। एक मजबूत IR कार्यक्रम पारदर्शिता को बढ़ावा देता है, विश्वास बनाता है, और बाज़ार की धारणा (Market Perception) और मूल्यांकन (Valuation) पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
Valorem Advisors, जिसकी स्थापना 2010 में हुई थी, भारत के Investor Relations क्षेत्र का एक स्थापित नाम है। यह फर्म रणनीतिक दृष्टिकोणों के माध्यम से अपने क्लाइंट्स की दृश्यता (Visibility), तरलता (Liquidity) और बाज़ार में स्थिति को बेहतर बनाकर उनके लिए मूल्य बनाने पर ध्यान केंद्रित करती है। वहीं, बाहर जाने वाले सलाहकार Churchgate Advisory Private Limited, एक अंतरराष्ट्रीय फर्म है जो वैश्विक इक्विटी बाज़ारों (Global Equity Markets) में अपनी स्वतंत्र सलाह और विश्लेषण के लिए जानी जाती है।
Bigbloc Construction का यह फैसला भारतीय कंपनियों के बीच एक बड़े रुझान (Trend) के अनुरूप है, जहाँ वे विशेषज्ञ फर्मों के माध्यम से अपने निवेशक संचार (Investor Communication) को मजबूत कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, GRE Renew Enertech ने अप्रैल 2026 में Valorem Advisors को नियुक्त किया था, और JTL Industries ने मार्च 2026 में Churchgate Advisory को शामिल किया था। ये नियुक्तियाँ भारत के पूंजी बाज़ारों (Capital Markets) में पेशेवर निवेशक जुड़ाव (Investor Engagement) पर बढ़ते ज़ोर को दर्शाती हैं।
शेयरधारकों (Shareholders) को Bigbloc Construction द्वारा अपने वित्तीय परिणामों (Financial Results), रणनीतिक पहलों (Strategic Initiatives) और भविष्य की संभावनाओं (Future Outlook) को साझा करने के तरीके में एक नया दृष्टिकोण मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। Valorem Advisors संभवतः संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) और विश्लेषकों (Analysts) के साथ मजबूत संबंध बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसका उद्देश्य पूंजी बाज़ार हितधारकों (Capital Market Stakeholders) के बीच कंपनी की प्रोफ़ाइल और कहानी को बेहतर बनाना है।