Bharatam Ventures Limited के बोर्ड ने कंपनी के एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर, मिस्टर रितेश विजय वकील के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। कंपनी के अनुसार, यह इस्तीफा 28 मार्च, 2026 से प्रभावी होगा और इसका मुख्य कारण 'कंपनी के नियंत्रण में बदलाव' (change in control) है।
लेकिन यहीं पर मामला पेचीदा हो जाता है। मिस्टर वकील द्वारा सौंपे गए इस्तीफे के पत्र में प्रभावी तिथि 28 मार्च, 2025 बताई गई है। कंपनी के ऐलान और इस्तीफे के पत्र के बीच पूरे एक साल का अंतर है। इस विसंगति ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस और कंपनी के कम्युनिकेशन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसी भी कंपनी के एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर का जाना एक बड़ा लीडरशिप बदलाव माना जाता है। 'कंट्रोल में बदलाव' जैसी बात आम तौर पर स्वामित्व (ownership) या कंपनी की भविष्य की रणनीति में बड़े फेरबदल का संकेत देती है। तारीखों का यह विरोधाभास अनिश्चितता को और बढ़ा रहा है।
Bharatam Ventures Limited, जो पहले Pet Plastics Limited के नाम से जानी जाती थी, 1985 से प्लास्टिक प्रोडक्ट्स के निर्माण और ट्रेडिंग के क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी ने हाल ही में 31 मार्च, 2026 को एक बोर्ड मीटिंग बुलाई है, जिसमें सहायक कंपनियों में निवेश और संभावित विनिवेश (divestments) पर चर्चा होगी। इससे पहले, कंपनी सेक्रेटरी CS दिलकुश पुरोहित (CS Dilkush Purohit) ने भी 5 फरवरी, 2026 से प्रभावी इस्तीफा दे दिया था।
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि 'कंट्रोल में बदलाव' के बाद नई मालिकाना संरचना (ownership structure) क्या होगी। कंपनी को जल्द ही नए एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर या एक अंतरिम लीडरशिप की नियुक्ति करनी होगी। शेयरहोल्डर्स कंपनी की नई दिशा और मैनेजमेंट की स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं, खासकर इस्तीफे की तारीखों को लेकर।
यह विरोधाभासी तारीखें कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता की कमी और गवर्नेंस से जुड़ी खामियों की ओर इशारा कर सकती हैं। 'कंट्रोल में बदलाव' का स्पष्टीकरण न होना भी निवेशकों को मालिकाना हक में हो रहे बदलाव की प्रकृति और उसके असर के बारे में अनिश्चित बनाए हुए है। ऐसे में मैनेजमेंट में अस्थिरता या नई रणनीति के आने का खतरा भी बना रहेगा।
Bharatam Ventures, प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने और बेचने वाले सेक्टर में काम करती है। इस सेक्टर के बड़े खिलाड़ियों में Supreme Industries Ltd., Supreme Petrochem Ltd. और Time Technoplast Ltd. जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि, Bharatam Ventures इन कंपनियों की तुलना में काफी छोटी है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹4.83 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जबकि इसके प्रतिद्वंद्वी अक्सर सैकड़ों या हजारों करोड़ का रेवेन्यू बताते हैं।
आगे चलकर निवेशक नई कंट्रोलिंग एंटिटी या बड़े शेयरधारकों के बारे में डिस्क्लोजर का इंतजार करेंगे। साथ ही, नए लीडरशिप की नियुक्ति और इस्तीफे की तारीखों के गड़बड़झाले पर कंपनी से स्पष्टीकरण की उम्मीद होगी। 31 मार्च, 2026 की बोर्ड मीटिंग से आने वाली जानकारी और नए नियंत्रण में कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर भी नजर रखी जाएगी।
