Bharat Seats Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने वित्तीय नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी ने ₹1,950.95 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹42.23 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) दर्ज किया है। FY26 के मुख्य वित्तीय हाइलाइट्स में ₹42.02 करोड़ का टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम और ₹6.72 का बेसिक और डाइल्यूटेड ईपीएस (EPS) शामिल है।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 75% का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जो प्रति शेयर ₹1.50 होगा। कुल मिलाकर यह ₹9.42 करोड़ होगा। शेयरहोल्डर्स आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस सिफारिश पर वोट करेंगे। इसके अलावा, कंपनी ने अपने प्लांट्स में नए प्रोग्राम्स के लिए लगभग ₹86.61 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर को मंजूरी दी है, जो विस्तार और अपग्रेड की ओर एक रणनीतिक कदम दर्शाता है।
बोर्ड ने मिस्टर ऋषभ रेलन की होल टाइम डायरेक्टर के तौर पर तीन साल के लिए फिर से नियुक्ति का भी प्रस्ताव रखा है, जो 4 फरवरी, 2027 से प्रभावी होगी। कंपनी की 39वीं AGM 24 जुलाई, 2026 को होगी, जबकि प्रस्तावित डिविडेंड के लिए 17 जुलाई, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।
कंपनी के वित्तीय नतीजे रेवेन्यू और मुनाफे में साल-दर-साल ग्रोथ दिखा रहे हैं। ₹86.61 करोड़ के मंजूर कैपेक्स से कंपनी विस्तार और परिचालन में सुधार की योजना बना रही है, जिसका लक्ष्य भविष्य में रेवेन्यू बढ़ाना है। वहीं, डिविडेंड की सिफारिश से शेयरहोल्डर्स को सीधा फायदा मिलेगा, जो मैनेजमेंट के प्रॉफिटेबिलिटी में भरोसे को दर्शाता है। मिस्टर ऋषभ रेलन की वापसी से नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी, जो लंबी अवधि की रणनीतियों को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण है।
Bharat Seats, जो मारुति सुजुकी इंडिया और सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन जापान के साथ एक ज्वाइंट वेंचर पार्टनर है, ऑटोमोटिव सीटिंग और कंपोनेंट्स सेक्टर में एक अहम कंपनी है। पिछले फाइनेंशियल ईयर, FY25 में, कंपनी ने लगभग ₹1,290 करोड़ का रेवेन्यू और करीब ₹32.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। कंपनी ने क्षमता विस्तार में निवेश किया है, मई 2025 में ₹70 करोड़ की लागत से खरखोदा में एक नया प्लांट शुरू किया था और FY26 में अपग्रेड के लिए ₹50 करोड़ का अतिरिक्त कैपेक्स करने की योजना थी।
निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात आय कर (Income Tax) का एक लंबित मामला है। मई 2023 में सर्च ऑपरेशन के बाद डिमांड ऑर्डर जारी किए गए थे। अप्रैल 2026 में कंपनी को कई असेसमेंट इयर्स के लिए अनुकूल अपीलीय आदेश मिले, जिससे बकाया डिमांड ₹12.25 करोड़ से घटकर ₹2.45 करोड़ रह गई। हालांकि, असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए एक अपील अभी भी लंबित है। कंपनी का मैनेजमेंट लंबित अपीलों पर अनुकूल नतीजे आने का भरोसा जता रहा है।
Bharat Seats ऑटो सहायक (auto ancillary) सेक्टर में प्रतिस्पर्धा करती है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, बॉश लिमिटेड, यूएनओ मिंडा लिमिटेड और एंड्योरेंस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड शामिल हैं। तुलना के लिए, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल ने FY26 में लगभग ₹1.3 लाख करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, बॉश लिमिटेड ने FY25 में करीब ₹2,755 करोड़ का नेट प्रॉफिट पोस्ट किया, और यूएनओ मिंडा का FY25 में नेट प्रॉफिट ₹982 करोड़ था। ये आंकड़े स्केल में अंतर बताते हैं, लेकिन सीटिंग सिस्टम और ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स के अपने खास क्षेत्र में Bharat Seats की स्थिति को रेखांकित करते हैं।
अतिरिक्त वित्तीय मेट्रिक्स के अनुसार, FY25 में रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹1,288.8 करोड़ था, जिसमें ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (OPM) 5.9% था। 31 मार्च, 2025 तक, कंपनी का डेट-टू-ईबीआईटीडीए (Debt-to-EBITDA) रेश्यो 2.0 गुना था।
निवेशक कई प्रमुख विकासों पर नजर रखेंगे:
- कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील्स) के साथ AY 2022-23 के लिए लंबित अपील का नतीजा।
- AGM में मिस्टर ऋषभ रेलन की पुनः नियुक्ति के लिए शेयरहोल्डर्स का अप्रूवल।
- मंजूर किए गए ₹86.61 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का भविष्य के ऑपरेशंस पर प्रभाव।
- AGM में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद डिविडेंड भुगतान की प्रक्रिया।
