Bhandari Hosiery Exports Limited ने अपने हालिया राइट्स इश्यू (Rights Issue) से 92,906,781 इक्विटी शेयर आवंटित करने को मंजूरी दे दी है। ₹2.56 प्रति शेयर की दर से जारी किए गए इन शेयरों ने कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल को ₹240.00 करोड़ से बढ़ाकर ₹332.96 करोड़ कर दिया है। इस फैसले को 23 मार्च 2026 को औपचारिक मंजूरी मिली।
पूंजी जुटाने का मकसद
इस पूंजी का मुख्य उद्देश्य कंपनी के वित्तीय ढांचे को मज़बूत करना है। फरवरी 2026 में घोषित किए गए राइट्स इश्यू का लक्ष्य ₹49.30 करोड़ तक की राशि जुटाना था। हालांकि, शेयरों के आवंटन से ₹92.96 करोड़ की राशि जुटाई गई है, जिसका इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल (Working Capital) को ₹34 करोड़ तक बढ़ाने, लॉन्ग-टर्म लोन (Long-term Loan) को ₹6.87 करोड़ तक कम करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (General Corporate Purposes) के लिए किया जाएगा।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
Bhandari Hosiery एक प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल एक्सपोर्ट (Textile Export) बाज़ार में काम करती है और इसे वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कंपनी के शेयर की कीमतों में गिरावट देखी गई है और ऐतिहासिक रूप से इस पर बड़ा कर्ज (Debt) रहा है। कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो (Interest Coverage Ratio) कम बना हुआ है, और पिछले पांच वर्षों में बिक्री वृद्धि (Sales Growth) धीमी रही है।
शेयर संरचना पर असर
इस पूंजी निवेश से कंपनी की इक्विटी संरचना (Equity Structure) में बदलाव आएगा। नए शेयरों की लिस्टिंग (Listing) के बाद पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल में यह बढ़ोतरी स्टॉक एक्सचेंजों पर दिखाई देगी। शेयरों की संख्या बढ़ने से मौजूदा शेयरधारकों के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) की गणना प्रभावित हो सकती है। निवेशकों को राइट्स इश्यू के कारण अपनी हिस्सेदारी में संभावित डाइल्यूशन (Dilution) पर भी विचार करना चाहिए। इसके अलावा, कंपनी के डेटर डेज़ (Debtor Days) का 95.5 से बढ़कर 116 हो जाना भी ध्यान देने योग्य है।
बाज़ार में कंपनी की स्थिति
भारतीय टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र (Indian Textile and Apparel Sector) में, Bhandari Hosiery का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization), जो लगभग ₹110.61 करोड़ है, इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ियों की तुलना में काफी छोटा है। कंपनी का प्राइस टू बुक वैल्यू (Price to Book Value) 0.53 का है, जो बताता है कि यह अपनी बुक वैल्यू से कम पर ट्रेड कर रहा है, जबकि कुछ बड़े प्रतिद्वंद्वियों का वैल्यूएशन (Valuation) ज़्यादा है।
आगे क्या देखें
आगे चलकर, निवेशकों को नए आवंटित शेयरों की आधिकारिक लिस्टिंग पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि Bhandari Hosiery इन जुटाई गई धनराशि का उपयोग वर्किंग कैपिटल को बेहतर बनाने और कर्ज कम करने में कितनी प्रभावी ढंग से करती है, और भविष्य में बिक्री वृद्धि व मुनाफे (Profitability) के मामले में कैसा प्रदर्शन करती है।
