रेवेन्यू और प्रॉफिट में शानदार उछाल
Bhagyanagar India Ltd (BIL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अब तक के सबसे बेहतरीन नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू ₹2,378 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹50 करोड़ को पार कर गया। वहीं, EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortisation) ₹100 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।
कॉपर सेल्स में बंपर ग्रोथ
कंपनी के रेवेन्यू में इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी का मुख्य कारण कॉपर सेल्स वॉल्यूम में 34% का जबरदस्त इजाफा रहा। FY26 में यह वॉल्यूम बढ़कर 24,000 मीट्रिक टन तक पहुंच गया। मार्च 2026 तक, BIL ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को भी बढ़ाकर 35,000 मीट्रिक टन कर लिया है।
वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर स्ट्रैटेजिक शिफ्ट
कंपनी अब सिर्फ कॉमोडिटी (Commodity) बेचने से आगे बढ़कर हाई-वैल्यू (High-Value) वाले प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रही है। FY26 में ऐसे प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 59% थी, जिसे अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) में बढ़ाकर 66% करने का लक्ष्य है। इनमें डेटा सेंटर्स के लिए सिल्वर-प्लेटेड (Silver-plated) और टिन-प्लेटेड (Tin-plated) बस बार जैसे कंपोनेंट्स शामिल हैं, जो कंपनी को ज्यादा मार्जिन वाले सेगमेंट में ले जाएंगे।
दो कंपनियों में डीमर्जर की योजना
Bhagyanagar India एक बड़े कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (Corporate Restructuring) की तैयारी में है। कंपनी अपनी ऑपरेशंस को दो अलग-अलग पब्लिकली ट्रेडेड एंटिटीज में डीमर्ज (Demerge) करने की योजना बना रही है। पहली एंटिटी पूरी तरह से कोर कॉपर बिजनेस पर फोकस करेगी, जबकि दूसरी रियल एस्टेट (Real Estate) और विंडमिल (Windmill) एसेट्स को संभालेगी। इस डीमर्जर का मुख्य उद्देश्य शेयरहोल्डर वैल्यू को बढ़ाना और हर बिजनेस को अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर बेहतर तरीके से फोकस करने में मदद करना है। NCLT (National Company Law Tribunal) में इस संबंध में 9 जून को एक हियरिंग (Hearing) निर्धारित है।
भविष्य की योजनाएं और फंड जुटाना
डीमर्जर के बाद, कॉपर डिवीजन हाई-मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स और कैपेसिटी एक्सपेंशन पर ध्यान देगा। रियल एस्टेट सेगमेंट लगभग 13.5 एकड़ की लैंड पार्सल को डीमर्ज करने की योजना बना रहा है। कंपनी अगले दो सालों में ₹40 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) करने का प्लान कर रही है, जिसमें प्लास्टिक रीसाइक्लिंग (Plastic Recycling) जैसे नए वेंचर्स भी शामिल हैं। अपनी ग्रोथ की महत्वाकांक्षी योजनाओं को पूरा करने के लिए, BIL FY27 में ₹150 करोड़ फंड रेज (Fundraise) करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
महत्वपूर्ण रिस्क और निवेशक क्या देखें
मैनेजमेंट ने Q1 FY27 में ग्लोबल शिपिंग डाइवर्जन्स (Global Shipping Diversions) के कारण वॉल्यूम पर थोड़े असर की आशंका जताई है। कॉपर की कीमतों में उतार-चढ़ाव वर्किंग कैपिटल और इंटरेस्ट कॉस्ट पर असर डाल सकता है। निवेशकों की नजरें 9 जून को होने वाली NCLT हियरिंग पर रहेंगी। इसके अलावा, FY27 में ₹150 करोड़ के फंड रेज की प्रगति, शिपिंग चुनौतियों के बीच Q1 FY27 के वॉल्यूम प्रदर्शन और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स से 66% सेल्स के लक्ष्य की ओर बढ़त पर नजर रखी जाएगी।
