Q4 में भारी नुकसान, FY25 का मुनाफा 59% गिरा
Beekay Steel Industries के लिए बीता फाइनेंशियल ईयर (FY25) मुनाफे के लिहाज से काफी निराशाजनक रहा। कंपनी ने अपने नतीजे जारी करते हुए बताया कि FY25 में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 59.23% घटकर सिर्फ ₹35.60 करोड़ रह गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹87.31 करोड़ था।
वहीं, 31 मार्च 2025 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY25) में कंपनी को ₹19.93 करोड़ का बड़ा शुद्ध नुकसान (Net Loss) हुआ है। यह पिछले साल इसी तिमाही में हुए ₹5.33 करोड़ के नेट प्रॉफिट से एक बड़ा झटका है।
रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे पर दबाव क्यों?
दिलचस्प बात यह है कि इस गिरावट के बावजूद, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू FY25 में 7.40% बढ़कर ₹1,196.94 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹1,114.51 करोड़ था।
कंपनी के नतीजों पर अनरियलाइज्ड ट्रेजरी लॉसेस (unrealised treasury losses) और बढ़ते कर्ज का बोझ भारी पड़ा। इसके अलावा, कंपनी के स्टैंडअलोन बॉरोइंग्स (standalone borrowings) में भी इजाफा हुआ है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹277.46 करोड़ से बढ़कर ₹329.74 करोड़ हो गई है। कर्ज का बढ़ता यह स्तर निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
डिविडेंड का ऐलान, पर आगे क्या?
इन सब के बीच, कंपनी ने अपने शेयरधारकों को 10% (यानी ₹1 प्रति शेयर) का डिविडेंड (dividend) देने की सिफारिश की है।
Steel सेक्टर की कंपनियाँ अक्सर कमोडिटी की कीमतों और डिमांड में उतार-चढ़ाव का सामना करती हैं। Beekay Steel Industries TMT बार्स और वायर रॉड्स जैसे स्टील प्रोडक्ट्स बनाती है। JSW Steel Ltd. और Shyam Metalics and Energy Ltd. जैसी बड़ी स्टील कंपनियों के मुकाबले, Beekay Steel का यह प्रदर्शन लागत नियंत्रण और वित्तीय प्रबंधन की अहमियत को दर्शाता है।
ऑडिटर्स ने कंपनी के नतीजों पर 'क्लीन ओपिनियन' (clean opinion) दी है, लेकिन मुनाफे में भारी गिरावट और बढ़ते कर्ज पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। कंपनी को अपनी लागत घटाने और कर्ज का प्रबंधन करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।