नतीजों में सुधार, पर चिंताएं भी बरकरार
Ballarpur Industries ने हाल ही में अपना फाइनेंशियल ईयर 2024 (FY24) का वार्षिक रिपोर्ट पेश किया है। कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेसोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से बाहर निकलने के बाद, कंपनी के प्रदर्शन पर सबकी नजरें थीं। कंपनी ने FY24 में ₹9.18 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है। वहीं, कंपनी को ₹3.30 करोड़ का कंसोलिडेटेड लॉस हुआ है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर, FY23 के मुकाबले एक बड़ी राहत है, जब कंपनी ने ₹46.04 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था। यह लॉस में कमी कंपनी के रिवाइवल के प्रयासों को दर्शाती है।
CIRP के बाद रिवाइवल की कोशिशें
कंपनी को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से 31 मार्च, 2023 को रेसोल्यूशन प्लान की मंजूरी मिली थी। जून 2023 में नए बोर्ड ने कामकाज संभाला। अब नए मैनेजमेंट का फोकस पेपर बिजनेस को मजबूत करने, नवाचार (innovation) लाने और नई रणनीतिक संभावनाओं को तलाशने पर है। शेयरहोल्डर्स उम्मीद कर रहे हैं कि कंपनी जल्द ही स्थायी प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) की राह पर लौटेगी।
ऑडिटर की 'ओपिनियन का डिस्क्लेमर'
हालांकि, नतीजों के बीच एक बड़ी चिंता ऑडिटर MSKA & Associates की रिपोर्ट से सामने आई है। ऑडिटर ने FY24 के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'ओपिनियन का डिस्क्लेमर' (disclaimer of opinion) जारी किया है। इसकी वजहें कई हैं। ऑडिटर को ₹27.59 लाख के अनपेड डिविडेंड (unpaid dividend) वाले खातों के बैंक स्टेटमेंट्स नहीं मिले। साथ ही, इन्वेंट्री (stores and spares) के वैल्यूएशन में भी अनिश्चितताएं हैं, क्योंकि रिकॉर्ड रेसोल्यूशन प्रोफेशनल या पिछले मैनेजमेंट से लिए गए हैं। विदेशी और स्टेप-डाउन सब्सिडियरीज के अनऑडिटेड फाइनेंशियल का प्रभाव भी अभी साफ नहीं है। MSME वेंडर्स की पहचान करने और बकाया देनदारियों की सही गणना में भी चुनौतियां बनी हुई हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि कंपनी का स्टॉक एक्सचेंजों से डिलेड फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और अन्य रेगुलेटरी नॉन-कम्प्लायन्सेज के लिए फाइन भरने का इतिहास भी रहा है।
इंडस्ट्री तुलना
इंडस्ट्री में अपनी स्थिति देखें तो Ballarpur Industries का FY24 रेवेन्यू ₹9.18 करोड़ और ₹3.30 करोड़ का लॉस, बड़े प्लेयर्स की तुलना में काफी कम है। इसी अवधि में, JK Paper ने ₹3,393.65 करोड़ का रेवेन्यू और ₹274.96 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि Emami Paper Mills का रेवेन्यू ₹1,412.50 करोड़ और प्रॉफिट ₹70.91 करोड़ रहा।
आगे की राह
अब निवेशकों की नजरें कंपनी के ऑपरेशनल रिवाइवल और नए बोर्ड के तहत स्थायी प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने की क्षमता पर टिकी रहेंगी। रेग्युलेटरी कम्प्लायंस, ऑडिटर द्वारा बताई गई वित्तीय अनिश्चितताओं का समाधान और मैनेजमेंट की रणनीतिक पहलों का एग्जीक्यूशन, ये सभी ऐसे फैक्टर हैं जिन पर करीब से नजर रखी जाएगी।
