एक्सचेंजों का 'डिस्क्लोजर' मार्ग: क्या है नया नियम?
Balkrishna Paper Mills Limited को अब अपनी प्रस्तावित शेयर कैपिटल रिडक्शन स्कीम के लिए लंबी SEBI समीक्षा प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। BSE और NSE ने SEBI की लिस्टिंग रेगुलेशन में हुए एक संशोधन (जो 13 दिसंबर, 2024 से प्रभावी है) के बाद इस योजना को 'डिस्क्लोजर' के तौर पर वर्गीकृत किया है। इसका मतलब है कि एक्सचेंजों की ओर से औपचारिक मंजूरी के बजाय, अब यह एक सूचना के रूप में दर्ज की जाएगी।
लंबी राह आसान, पर मंज़ूरी अभी बाकी
इस बदलाव से कंपनी को SEBI के विस्तृत और समय लेने वाली समीक्षा प्रक्रिया से बचने में मदद मिलेगी। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि योजना को अंतिम रूप देने के लिए Balkrishna Paper Mills को अभी भी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और अपने शेयरधारकों से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करनी होगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति और पिछला कदम
Balkrishna Paper Mills पिछले कुछ समय से वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। 30 सितंबर, 2025 तक कंपनी पर ₹278.39 करोड़ का जमा हुआ घाटा (accumulated losses) था। हाल ही में, फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी ने ₹1.89 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए, उसने अप्रैल 2024 में ₹45.10 करोड़ का राइट्स इश्यू (Rights Issue) लाकर अपना कर्ज कम करने का प्रयास किया था।
अब NCLT और शेयरधारकों पर टिकी नज़रें
चूंकि शेयर एक्सचेंज अब इस योजना को केवल डिस्क्लोजर मान रहे हैं, Balkrishna Paper Mills का पूरा ध्यान अब NCLT से मंजूरी लेने और अपने शेयरधारकों का समर्थन हासिल करने पर केंद्रित होगा। इन दोनों स्तरों पर मंजूरी मिलने के बाद ही कंपनी अपनी कैपिटल रिडक्शन योजना को लागू कर पाएगी।
