Balkrishna Industries Ltd. (BKT) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए ₹10,656 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया है, लेकिन कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 25% गिरकर ₹1,222 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 252 बेसिस पॉइंट घटकर 22.7% पर रहा।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों की बात करें तो रेवेन्यू में 2% की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹2,894 करोड़ रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट 19% लुढ़ककर ₹295 करोड़ पर पहुंच गया। इस तिमाही में EBITDA मार्जिन 187 बेसिस पॉइंट की गिरावट के साथ 22.9% पर रहा।
भविष्य की राह: बड़ा रेवेन्यू लक्ष्य
Balkrishna Industries ने FY30 तक अपने रेवेन्यू को मौजूदा स्तर से 2.2 गुना बढ़ाकर लगभग ₹23,000 करोड़ करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा (लगभग 70%) कंपनी के मुख्य ऑफ-हाईवे टायर (OHT) सेगमेंट से आने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी भारतीय ऑन-हाईवे टायर सेगमेंट (लगभग 20% रेवेन्यू योगदान की उम्मीद) में भी उतरने की योजना बना रही है। साथ ही, कार्बन ब्लैक उत्पादन (लगभग 10% योगदान) को भी बढ़ाने पर जोर रहेगा।
निवेश की योजना
इस बड़ी ग्रोथ के लिए कंपनी भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने जा रही है। OHT सेगमेंट के विस्तार के लिए ₹1,300 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जबकि ऑन-हाईवे टायर्स और अन्य क्षेत्रों के लिए ₹3,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, ₹2,000 करोड़ के अतिरिक्त Capex को भी मंजूरी दे दी गई है।
कार्बन ब्लैक क्षमता के विस्तार का दूसरा चरण (Phase 2) Q1FY27 से शुरू होगा, जिसका लक्ष्य 360,000 MTPA की क्षमता हासिल करना है।
रणनीतिक बदलाव और आगे की चुनौतियाँ
यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है, जो मौजूदा प्रॉफिट प्रेशर के बावजूद आक्रामक रेवेन्यू ग्रोथ पर केंद्रित है। भारतीय ऑन-हाईवे टायर मार्केट, जिसमें प्रीमियम पैसेंजर कार और कमर्शियल व्हीकल रेडियल टायर्स जैसे सेगमेंट शामिल हैं, बेहद प्रतिस्पर्धी है। ऐसे में, Balkrishna Industries के लिए इन नए सेगमेंट्स में अपनी जगह बनाना एक बड़ी चुनौती होगी। कंपनी को प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव को मैनेज करते हुए मार्जिन सुधारने पर भी ध्यान देना होगा।
