Bajaj Hindusthan Sugar का बड़ा दांव! ₹99 करोड़ का कर्ज बदला इक्विटी में, UCO Bank को मिली हिस्सेदारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bajaj Hindusthan Sugar का बड़ा दांव! ₹99 करोड़ का कर्ज बदला इक्विटी में, UCO Bank को मिली हिस्सेदारी
Overview

Bajaj Hindusthan Sugar ने अपने भारी भरकम कर्ज को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने UCO Bank के **₹98.89 करोड़** के लोन को इक्विटी में बदल दिया है, जिसके तहत **9,88,93,77,060** सीरीज A 0.01% कंपलसरी कनवर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) UCO Bank को अलॉट किए गए हैं। यह कंपनी के रेज़ोल्यूशन प्लान का अहम हिस्सा है।

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कर्ज से मुक्ति की ओर Bajaj Hindusthan Sugar

चीनी बनाने वाली कंपनी Bajaj Hindusthan Sugar लिमिटेड ने अपने फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने UCO Bank के साथ ₹98.89 करोड़ के लोन को इक्विटी में कन्वर्ट किया है। इसके तहत, बैंक को 9,88,93,77,060 सीरीज A 0.01% कंपलसरी कनवर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) अलॉट किए गए हैं। यह कदम कंपनी के ओवरऑल डेट रेज़ोल्यूशन प्लान को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

क्या हुआ और क्यों है ये खास?

कंपनी ने 28 मार्च 2026 को UCO Bank को ये खास तरह के प्रेफरेंस शेयर्स जारी किए। दरअसल, यह कंपनी की कर्ज कम करने की स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसमें बाकी बचे लोन अमाउंट को इक्विटी में बदला जा रहा है। इस अलॉटमेंट से कंपनी के बैलेंस शीट पर कर्ज का बोझ कम होगा और उसकी फाइनेंशियल हेल्थ बेहतर होगी। यह कदम तब उठाया गया है जब कंपनी कई लेंडर्स के साथ मिलकर अपने रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पर काम कर रही है।

कंपनी के लिए क्यों मायने रखता है ये फैसला?

Bajaj Hindusthan Sugar पिछले कुछ समय से फाइनेंशियल मुश्किलों से जूझ रही है। ऐसे में, कर्ज को इक्विटी में बदलना कंपनी के लिए राहत का काम करेगा। इससे न केवल ब्याज का बोझ कम होगा, बल्कि कंपनी का कैपिटल स्ट्रक्चर भी मजबूत होगा। मैनेजमेंट अब अपने कोर बिजनेस ऑपरेशन्स और आगे की ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान दे सकेगा।

बैकग्राउंड और रीस्ट्रक्चरिंग

Bajaj Hindusthan Sugar का ट्रैक रिकॉर्ड काफी चुनौतीपूर्ण रहा है, जिसमें हाई डेट लेवल और डिफॉल्ट्स शामिल हैं। कंपनी पहले भी RBI की S4A स्कीम जैसे रीस्ट्रक्चरिंग से गुजरी है। SBI ने NCLT में इंसॉल्वेंसी पिटीशन भी डाली थी, लेकिन ड्यूज क्लियर होने के बाद उसे खारिज कर दिया गया था। फरवरी 2026 में एक बड़े डेट रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को मंजूरी मिली थी, जिसके तहत करीब ₹6,155 करोड़ के डेट को इक्विटी और CCPS में बदला जाना है। इस प्लान को प्रमोटर्स द्वारा ₹1,000 करोड़ के कैपिटल इन्फ्यूजन का भी सपोर्ट है।

मुख्य असर:

  • घटा कर्ज: लोन प्रिंसिपल और इंटरेस्ट को प्रेफरेंस शेयर्स में बदलने से कंपनी का आउटस्टैंडिंग डेट सीधे तौर पर कम होगा।
  • सुधरे रेश्यो: डेट-टू-इक्विटी रेश्यो में सुधार की उम्मीद है, जिससे कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन बेहतर होगी।
  • मजबूत कैपिटल बेस: इक्विटी जैसे इंस्ट्रूमेंट्स जारी करने से कैपिटल स्ट्रक्चर और मजबूत होगा।
  • ऑपरेशनल फोकस: कर्ज चुकाने के बोझ से मुक्त होकर मैनेजमेंट अपने मुख्य बिजनेस पर ज्यादा ध्यान दे पाएगा।
  • रेज़ोल्यूशन प्लान में प्रगति: यह अलॉटमेंट कंपनी के अप्रूव्ड रेज़ोल्यूशन प्लान में एक बड़ा माइलस्टोन है।

संभावित जोखिम:

  • एक और लेंडर का अलॉटमेंट पेंडिंग: एक लेंडर के लिए अभी अलॉटमेंट बाकी है, जो बताता है कि रेज़ोल्यूशन प्रोसेस अभी जारी है।
  • पिछली फाइनेंशियल कमजोरी: कंपनी के पुराने फाइनेंशियल क्राइसिस के कारण लगातार ध्यान देने की ज़रूरत है।
  • शेयरहोल्डर डाइल्यूशन: भले ही इस अलॉटमेंट में स्पेसिफिक न हो, लेकिन बड़े डेट-टू-इक्विटी कन्वर्शन से मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी कम हो सकती है।

इंडस्ट्री का माहौल

Bajaj Hindusthan Sugar, EID Parry (India) Ltd., Balrampur Chini Mills Ltd., Shree Renuka Sugars Ltd., और Triveni Engineering & Industries Ltd. जैसी कंपनियों के साथ कॉम्पिटिशन में है। ये कंपनियां मुख्य रूप से शुगर प्रोडक्शन, एथेनॉल और पावर को-जेनरेशन पर फोकस करती हैं और मार्केट के उतार-चढ़ाव व सरकारी नीतियों के अनुसार चलती हैं।

मुख्य आंकड़े:

  • 28 मार्च 2026 तक, Bajaj Hindusthan Sugar ने UCO Bank को ₹98.89 करोड़ के 9,88,93,77,060 सीरीज A 0.01% CCPS अलॉट किए।
  • फरवरी 2026 में अप्रूव हुए बड़े डेट रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत करीब ₹6,155 करोड़ के डेट को इक्विटी/CCPS में बदला जाएगा। प्रमोटर्स FY2025-26 के लिए ₹1,000 करोड़ का फंड लाएंगे।

आगे क्या देखना होगा?

  • बचे हुए लेंडर के लिए डेट अलॉटमेंट पूरा होने पर नज़र रखें।
  • डेट कम होने का कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और कैश फ्लो पर असर का असेसमेंट करने के लिए अगले फाइनेंशियल रिजल्ट्स की समीक्षा करें।
  • ओवरऑल रेज़ोल्यूशन प्लान के इम्प्लीमेंटेशन पर अपडेट्स ट्रैक करें।
  • मैनेजमेंट से भविष्य की स्ट्रेटेजी और फाइनेंशियल रिकवरी पर कमेंट्री सुनें।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.