पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो, Bajaj Auto का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 24.05% बढ़कर ₹65,087.22 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफ़िट 46.68% की ज़बरदस्त उछाल के साथ ₹10,744.21 करोड़ तक पहुंच गया।
निवेशकों को खुश करने के लिए, कंपनी ने ₹150 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने का ऐलान किया है। साथ ही, ₹5,633 करोड़ के शेयर बायबैक (Share Buyback) प्रोग्राम की भी घोषणा की गई है।
हालांकि, नतीजों के साथ एक अहम बात सामने आई है। कंपनी के ऑडिटर (Auditor) ने कंसोलिडेटेड नतीजों पर एक 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) जारी किया है। इसका मुख्य कारण हाल ही में अधिग्रहित (Acquired) सब्सिडियरी BAIHAG के इंटीग्रेशन (Integration) से जुड़ी अनिश्चितताएं हैं।
इसके अलावा, कंपनी का कंसोलिडेटेड बोर्रोइंग्स (Borrowings) यानी कर्ज भी काफी बढ़ गया है, जो कि नॉन-करंट ₹15,338.94 करोड़ और करंट ₹6,641.65 करोड़ है। इस बढ़ते कर्ज को निवेशकों को ध्यान से देखना होगा।
यह ध्यान देने वाली बात है कि Bajaj Auto लगातार ऑस्ट्रियाई कंपनी Pierer Bajaj AG में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है, जिसके तहत KTM AG और Husqvarna Motorcycles जैसे ब्रांड आते हैं। यह ग्लोबल विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। इसी क्रम में BAIHAG जैसी अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस के इंटीग्रेशन और उनके फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में कुछ जटिलताएं सामने आई हैं।
शेयरहोल्डर्स (Shareholders) को डिविडेंड और बायबैक के रूप में सीधे रिटर्न मिलने की उम्मीद है। वहीं, ऑडिटर की राय और बढ़ते कर्ज के चलते कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होगी। हालांकि, कंपनी का स्टैंडअलोन (Standalone) बिजनेस मजबूत बना हुआ है, जो एक स्थिर आधार प्रदान करता है।
फाइनेंशियल ईयर 2026 में Bajaj Auto के रेवेन्यू और प्रॉफ़िट ग्रोथ ने अपने प्रतिद्वंद्वियों जैसे Hero MotoCorp और TVS Motor Company को पीछे छोड़ दिया है। खासकर सालाना नतीजों में प्रॉफ़िट ग्रोथ 46.68% का आंकड़ा प्रभावशाली है।
आगे चलकर, कंपनी की मैनेजमेंट द्वारा ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने और BAIHAG के इंटीग्रेशन को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर निवेशकों की नज़रें रहेंगी। साथ ही, बढ़ते कर्ज को मैनेज करने की रणनीति भी अहम होगी।
