उज्जैन में ₹23.37 करोड़ के स्टेडियम का निर्माण
यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) की तरफ से मिला है, जिसकी कुल वैल्यू ₹23.37 करोड़ है। इसके तहत उज्जैन शहर में एक हॉकी और एथलेटिक स्टेडियम बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कंपनी को 24 महीने का समय दिया गया है, जिसमें बरसात का मौसम भी शामिल है।
ऑर्डर बुक में बड़ा उछाल, भविष्य की कमाई पक्की
यह नया कॉन्ट्रैक्ट B.R. Goyal Infrastructure के लिए बड़ी राहत है। इससे कंपनी के ऑर्डर बुक में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है, जिससे आने वाले समय में कंपनी की कमाई का रास्ता साफ दिखता है। यह स्पेशल स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर (Sports Infrastructure) में कंपनी की एंट्री को भी दर्शाता है, जो सड़क और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन (Building Construction) के अलावा एक नया सेक्टर है।
कंपनी का बैकग्राउंड और शानदार नतीजे
B.R. Goyal Infrastructure, जिसकी शुरुआत 1986 में हुई थी, देश भर में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है। कंपनी सड़कें, हाईवे, ब्रिज और बिल्डिंग बनाने के साथ-साथ ईपीसी (EPC) सेवाएं, आरएमसी (RMC) मैन्युफैक्चरिंग और टोल कलेक्शन का काम भी करती है। सितंबर 2025 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹1,535 करोड़ थी, जो पिछले साल के मुकाबले 73% ज्यादा है। नए कॉन्ट्रैक्ट्स की वजह से यह बढ़ोतरी हुई। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले हाफ (H1) में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 61% बढ़कर ₹342.13 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (Net Profit) 164% की भारी उछाल के साथ ₹16.05 करोड़ दर्ज किया गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी ने ₹515 करोड़ का रेवेन्यू और ₹25 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था।
प्रोजेक्ट से जुड़े जोखिम
हालांकि, इस प्रोजेक्ट में कुछ जोखिम (Risks) भी हैं। 24 महीने की समय-सीमा में बरसात का मौसम शामिल होने से काम में देरी हो सकती है। साथ ही, बिटुमेन (Bitumen) और डीजल जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) पर असर डाल सकता है।
इंडस्ट्री में कंपनी की स्थिति
B.R. Goyal Infrastructure अपने सेक्टर में एक जानी-मानी कंपनी है, लेकिन यह लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसे बड़े ग्रुप्स से अलग है, जो बहुत बड़े राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स लेते हैं। वहीं, IRB Infrastructure Developers Ltd. जैसी कंपनियां रोड बीओटी (BOT) प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा फोकस करती हैं। B.R. Goyal की ऑर्डर बुक में सड़कें, टोलिंग, बिल्डिंग्स और अब स्टेडियम कंस्ट्रक्शन का मिश्रण दिखता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों की नजरें अब स्टेडियम कंस्ट्रक्शन की आधिकारिक शुरुआत की तारीख पर होंगी। वे कंपनी के काम के एग्जीक्यूशन (Execution) को 24 महीने की समय-सीमा के हिसाब से ट्रैक करेंगे। साथ ही, यह देखना होगा कि कंपनी लागत को कैसे मैनेज करती है और बरसात से होने वाली संभावित देरी से कैसे निपटती है। नई डील्स हासिल करना भी कंपनी के ऑर्डर बुक और रेवेन्यू ग्रोथ के लिए अहम रहेगा।