कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 6 मई, 2026 को हुई मीटिंग में 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी। इन आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹80.77 करोड़ रहा, जो ₹680.02 करोड़ की कुल कंसोलिडेटेड इनकम पर आधारित है।
यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण फाइनेंशियल दौर रहा। पिछले साल (FY23-24) में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 5.4% बढ़कर ₹602.5 करोड़ रही थी, और नेट प्रॉफिट 17.1% बढ़कर ₹63.8 करोड़ दर्ज किया गया था।
इसके अलावा, बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर ₹0.43 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कंपनी के इंटरनल और कॉस्ट ऑडिटर्स की पुनर्नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।
BMW Industries, जिसे पहले Bansal Mechanical Works के नाम से जाना जाता था, पूर्वी भारत में सक्रिय एक प्रमुख स्टील निर्माता और प्रोसेसर है। कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है, जिसमें बोकारो ग्रीनफील्ड कॉम्प्लेक्स का खास तौर पर उल्लेख है। इस प्रोजेक्ट के FY27 तक चालू होने की उम्मीद है। इस रणनीतिक डेवलपमेंट को ₹500 करोड़ के डेट फाइनेंसिंग से सपोर्ट मिल रहा है, जो कंपनी को इंटीग्रेटेड डाउनस्ट्रीम मॉडल की ओर ले जा रहा है।
हालांकि, कंपनी सकारात्मक फाइनेंशियल नतीजों के बावजूद, चल रही कानूनी चुनौतियों से भी निपट रही है। कंपनी के सामने इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) में 2015 से 2022 तक के फाइनेंशियल इयर्स के लिए जारी किए गए डिमांड नोटिस से संबंधित लंबित अपीलें हैं। कुल डिमांड नोटिस ₹394.55 लाख के हैं, जिनमें से ₹310.68 लाख की राशि वर्तमान में अपील के दायरे में है। ये मुकदमेबाजी एक संभावित जोखिम प्रस्तुत करती हैं जिस पर निवेशकों की नजर रहेगी।
आगे चलकर, शेयरधारक प्रस्तावित डिविडेंड की मंजूरी, लंबित टैक्स अपीलों का समाधान और बोकारो ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजर रखेंगे। FY27 की भविष्य की फाइनेंशियल रिपोर्ट्स कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी ट्रेंड्स में और अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगी।
