5 साल बाद सामने आए नतीजे, कंपनी की हालत खस्ता
BKM Industries ने सितंबर 2021 को खत्म हुई तिमाही के वित्तीय नतीजे मार्च 2026 में जारी किए हैं, जो कंपनी के रिकॉर्ड में अत्यधिक देरी को दर्शाता है। इन नतीजों के अनुसार, कंपनी ने इस अवधि में ₹0.00 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि ₹2.91 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है। प्रति शेयर आय (EPS) (₹0.44) रही है।
NCLT प्रक्रिया और भारी कर्ज़ का बोझ
ये विलंबित नतीजे BKM Industries की गंभीर वित्तीय परेशानी और ठप पड़े मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स की ओर इशारा करते हैं। कंपनी फिलहाल कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है, और इस दौरान उस पर ₹124.11 करोड़ का भारी कर्ज़ है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 30 दिसंबर 2020 को कंपनी को CIRP में भेजा था, और 19 सितंबर 2023 को एक रेज़ोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी।
ऑपरेशन्स शुरू करने की अनिश्चितता
NCLT-अप्रूव्ड रेज़ोल्यूशन प्लान के लागू होने के बावजूद, कंपनी के लिए ऑपरेशन्स को फिर से शुरू करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। रेवेन्यू का पूरी तरह से ज़ीरो होना इस बात का संकेत है कि कंपनी अभी भी रिवाइवल के रास्ते पर काफी संघर्ष कर रही है। शेयर्स के री-इश्यू और देनदारियों के पुनर्गठन पर काम चल रहा है, लेकिन कंपनी की सफलता नए निवेश जुटाने और मौजूदा कर्ज़ को प्रभावी ढंग से मैनेज करने पर निर्भर करेगी।
सेक्टर का परिदृश्य
BKM Industries मेटल कंटेनर और पैकेजिंग सेक्टर में काम करती है। हालांकि, इसकी वर्तमान स्थिति इसे दिवालियापन और परिचालन ठहराव वाली कंपनियों की श्रेणी में रखती है। Reliance Capital और DHFL जैसी कंपनियों ने CIRP से सफलतापूर्वक बाहर निकलने में कामयाबी हासिल की है, जबकि Supha Pharmachem जैसी कुछ कंपनियां हाल ही में CIRP में दाखिल हुई हैं।