इंसॉल्वेंसी की राह पर BIL Vyapar: क्रेडिटर मीटिंग का क्या है मतलब?
BIL Vyapar Limited ने 22 अप्रैल 2026 को अपनी आठवीं क्रेडिटर कमेटी (Committee of Creditors) की मीटिंग तय की है। यह कंपनी की कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेसोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इस मीटिंग में क्रेडिटर कमेटी (CoC) ही मुख्य निर्णय लेने वाली संस्था है, जो कंपनी के भविष्य को तय करने वाली रेसोल्यूशन प्लान्स (resolution plans) का मूल्यांकन और मंजूरी देगी।
यह कंपनी, जो पहले Binani Industries के नाम से पहचानी जाती थी, 13 जनवरी 2026 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश के बाद इंसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स में शामिल हुई। इसका मुख्य कारण संचित घाटा (accumulated losses) और सहायक कंपनियों के लोन पर डिफॉल्ट था। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की याचिका पर शुरू हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार, BIL Vyapar ने फाइनेंशियल ईयर 2024-2025 के लिए शून्य (zero) टोटल रेवेन्यू दर्ज किया है। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी पर ₹21,906.99 लाख का संचित घाटा था, बुक वैल्यू निगेटिव थी, और ₹13,196.20 लाख की कंटिंजेंट लायबिलिटी (contingent liabilities) थी।
1962 में निगमित यह कंपनी, जो कभी एक विविध समूह (diversified conglomerate) थी, जून 2025 में पुनर्गठन (restructuring) के हिस्से के रूप में Binani Industries से BIL Vyapar Limited हो गई थी। CoC, जिसका गठन 13 दिसंबर 2025 को हुआ था, में मुख्य तौर पर पंजाब नेशनल बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं।
आगामी मीटिंग में रेसोल्यूशन प्लान्स पर चर्चा को आगे बढ़ाया जाएगा और कंपनी की वित्तीय संकट से जुड़ी महत्वपूर्ण निर्णयों पर गौर किया जाएगा। कंपनी का भविष्य अभी अनिश्चित है, और अंतिम परिणाम लेनदारों द्वारा एक व्यवहार्य रेसोल्यूशन प्लान की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
