BCPL Railway Infrastructure Limited अपने स्वतंत्र निदेशक श्री सुदीप्ता कुमार मुखर्जी को 30 जनवरी 2026 से 29 जनवरी 2031 तक, यानी पूरे पांच साल के एक नए कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने जा रही है। कंपनी इस महत्वपूर्ण फैसले पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पोस्टल बैलेट और ई-वोटिंग के ज़रिए लेगी, ताकि बोर्ड में लीडरशिप की निरंतरता बनी रहे।
65 वर्षीय श्री मुखर्जी के पास बैंकिंग क्षेत्र में 39 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने Bank of India में जनरल मैनेजर जैसे कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है। वे कंपनी की ऑडिट कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
शेयरहोल्डर्स इस नियुक्ति पर 27 मार्च 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक ई-वोटिंग कर सकेंगे। नतीजों की घोषणा 27 अप्रैल 2026 तक होने की उम्मीद है।
कंपनी का मानना है कि श्री मुखर्जी जैसे अनुभवी स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति से बोर्ड की निगरानी मज़बूत होगी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में स्थिरता आएगी। उनके बैंकिंग, ऑडिट और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के अनुभव का कंपनी को लाभ मिलेगा।
मीटिंग्स के लिए उनकी फीस तय की गई है, जिसमें हर बोर्ड मीटिंग के लिए ₹11,000 और हर कमिटी मीटिंग के लिए ₹7,700 शामिल हैं। उन्होंने 2025-26 के दौरान 4 बोर्ड मीटिंग्स में हिस्सा लिया था।
हालांकि, इस नियुक्ति के लिए शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी अनिवार्य है। यदि शेयरहोल्डर्स इस प्रस्ताव को मंज़ूरी नहीं देते हैं, तो कंपनी को एक नए निदेशक की तलाश करनी पड़ सकती है। कम वोटिंग टर्नआउट भी शेयरहोल्डर सहभागिता पर सवाल खड़े कर सकता है।
