शेयरधारकों ने ₹10 से ₹1 फेस वैल्यू वाले शेयर को दी हरी झंडी
18 अप्रैल, 2026 को Avro India Limited की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) आयोजित की गई। इस मीटिंग में 32 सदस्यों ने हिस्सा लिया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अहम फैसले लिए गए। शेयरधारकों ने कंपनी के इक्विटी शेयरों का फेस वैल्यू ₹10 से घटाकर ₹1 करने के प्रस्ताव को भारी बहुमत से स्वीकार कर लिया।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस स्टॉक स्प्लिट का मुख्य उद्देश्य Avro India के शेयरों को आम निवेशकों, खासकर छोटे खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के लिए अधिक किफायती और सुलभ बनाना है। फेस वैल्यू कम होने से शेयर की कुल कीमत भी कम हो जाती है, जिससे ज्यादा लोग इसे खरीद पाते हैं। माना जा रहा है कि इससे बाजार में शेयरों की लिक्विडिटी (Liquidity) और ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) में भी इजाफा होगा।
बदले गए कंपनी के नियम-कानून
शेयरों के इस विभाजन (Sub-division) के साथ ही, कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AoA) और मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं। इन बदलावों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी के संचालन संबंधी दस्तावेज़ मौजूदा नियामक मानकों के अनुरूप हों।
कंपनी का पिछला सफर और भविष्य की राह
Avro India, जो प्लास्टिक मोल्डेड फर्नीचर और ग्रेन्यूल्स का निर्माण करती है, पहले ₹10 के फेस वैल्यू वाले शेयरों के साथ काम कर रही थी। कंपनी के बोर्ड ने 25 मार्च, 2026 को इस स्टॉक स्प्लिट पर विचार किया था। यह कदम कंपनी को अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे Orient Electric Ltd. और Havells India Ltd. के बराबर लाता है, जिनके शेयरों का फेस वैल्यू पहले से ही ₹1 है।
हालांकि, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि स्टॉक स्प्लिट से कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) नहीं बदलता है। कंपनी का दीर्घकालिक प्रदर्शन उसके व्यावसायिक संचालन और वित्तीय नतीजों पर ही निर्भर करेगा।
आगे क्या?
निवेशक अब वोटिंग के नतीजों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, जो EGM के दो कार्य दिवसों के भीतर जारी होने की उम्मीद है। कंपनी को स्टॉक एक्सचेंजों (NSE और BSE) को भी सूचित करना होगा।
