Avro India Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी ने किया 1:10 स्टॉक स्प्लिट का ऐलान, शेयर हुआ सस्ता

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AuthorAditya Rao|Published at:
Avro India Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी ने किया 1:10 स्टॉक स्प्लिट का ऐलान, शेयर हुआ सस्ता
Overview

Avro India के बोर्ड ने **1:10** के स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से कंपनी के इक्विटी शेयर की फेस वैल्यू **₹10** से घटकर **₹1** हो जाएगी, जिससे रिटेल निवेशकों के लिए शेयर खरीदना और आसान हो जाएगा और लिक्विडिटी (Liquidity) भी बढ़ेगी।

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स्टॉक स्प्लिट से क्या होगा?

इस स्टॉक स्प्लिट के बाद Avro India के इक्विटी शेयर की फेस वैल्यू ₹10 से घटकर ₹1 रह जाएगी। वहीं, कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या दस गुना बढ़ जाएगी, जिससे बाजार में शेयरों की लिक्विडिटी (Liquidity) को बढ़ावा मिलेगा।

क्यों लिया गया ये फैसला?

Avro India Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने यह फैसला रिटेल निवेशकों के लिए शेयर को और अधिक किफ़ायती और सुलभ बनाने के उद्देश्य से लिया है। इसके साथ ही, कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में भी बदलाव करने की योजना बना रही है ताकि कैपिटल स्ट्रक्चर (Capital Structure) में हुए इस बदलाव को दर्शाया जा सके। हालांकि, इन सभी प्रस्तावित बदलावों के लिए शेयरहोल्डर और रेगुलेटरी अप्रूवल्स (Regulatory Approvals) की ज़रूरत होगी।

शेयर स्प्लिट का महत्व

आमतौर पर, स्टॉक स्प्लिट को बाजार सकारात्मक रूप से देखता है क्योंकि यह शेयरों को ज़्यादा निवेशकों के लिए सुलभ बनाता है, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) बढ़ने की संभावना रहती है। Avro India के मामले में, इस स्प्लिट का लक्ष्य शेयर स्वामित्व का दायरा बढ़ाना और ज़्यादा रिटेल पार्टिसिपेशन (Retail Participation) को आकर्षित करना है।

कंपनी की वित्तीय हालत पर सवाल?

यह Avro India का पहला स्टॉक स्प्लिट नहीं है; कंपनी ने जनवरी 2022 में 31-फॉर-10 का स्प्लिट भी किया था। लेकिन, हाल के वित्तीय नतीजों ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। मार्च 2025 को समाप्त हुई तिमाही में, Avro India ने नेट सेल्स (Net Sales) में 18.99% की गिरावट दर्ज की है, और ₹0.91 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) का नुकसान हुआ है। चिंता की बात यह है कि कंपनी का नॉन-ऑपरेटिंग इनकम (Non-operating Income) पर निर्भरता, जिसने मार्च 2025 की तिमाही में उसके PBT का 200% से अधिक कवर किया, उसके कोर बिजनेस (Core Business) की स्थिरता पर सवाल खड़े करती है। 13 मार्च 2026 को स्टॉक 5.0% लोअर सर्किट (Lower Circuit) पर भी पहुंचा था।

जोखिम और आगे क्या?

स्टॉक स्प्लिट और MoA में बदलाव शेयरहोल्डर्स की मंजूरी (आगामी 18 अप्रैल 2026 की EGM में) और आवश्यक रेगुलेटरी क्लीयरेंस (Regulatory Clearance) पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन, जिसमें नॉन-ऑपरेटिंग इनकम पर निर्भरता शामिल है, स्प्लिट के बावजूद निवेशक की भावना को प्रभावित कर सकती है।

प्रतिस्पर्धियों से तुलना (Peer Comparison)

Avro India प्लास्टिक प्रोडक्ट्स सेक्टर में काम करती है, जिसमें फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग भी शामिल है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में शामिल हैं:

  • Supreme Industries: जिसने 2010 में फेस वैल्यू को ₹10 से घटाकर ₹2 किया था।
  • Prince Pipes & Fittings: जिसने 2018 के बाद कोई स्टॉक स्प्लिट नहीं किया है।
  • Nilkamal: जिसने हाल के वर्षों में कोई स्टॉक स्प्लिट नहीं किया है।
  • Shish Industries: जिसने दिसंबर 2024 में लिक्विडिटी और अफोर्डेबिलिटी बढ़ाने के लिए 1:10 स्टॉक स्प्लिट की घोषणा की थी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.