स्टॉक स्प्लिट की पूरी कहानी
Avro India Limited के बोर्ड ने 1:10 के स्टॉक स्प्लिट के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इस कॉर्पोरेट एक्शन के बाद, कंपनी के मौजूदा ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर को ₹1 फेस वैल्यू वाले दस शेयरों में बदल दिया जाएगा। इससे कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या 1,33,11,050 से बढ़कर 13,31,10,500 हो जाएगी।
यह प्रस्ताव 18 अप्रैल, 2026 को होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरधारकों के वोट से पास होना है। इसके साथ ही कंपनी को जरूरी रेगुलेटरी और स्टेट्यूटरी अप्रूवल भी हासिल करने होंगे।
क्यों लिया यह फैसला?
कंपनी का मुख्य उद्देश्य इस स्टॉक स्प्लिट के जरिए अपने शेयरों को छोटे निवेशकों की पहुंच में लाना है। माना जा रहा है कि इससे शेयरों की ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ेगी और मार्केट में बेहतर लिक्विडिटी आएगी। यह Avro India का पहला स्टॉक स्प्लिट है।
क्या हैं खास बातें?
- आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या 1,33,11,050 से बढ़कर 13,31,10,500 हो जाएगी।
- प्रति शेयर फेस वैल्यू ₹10 से घटकर ₹1 हो जाएगी।
- शेयरधारक 18 अप्रैल, 2026 को EGM में इस पर वोट करेंगे।
- कंपनी को अप्रूवल मिलने के लगभग दो महीने के भीतर स्प्लिट पूरा होने की उम्मीद है।
भविष्य की राह
कंपनी के लिए यह एक बड़ा कदम है, जो इसके मार्केट परफॉरमेंस को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। अब सबकी नजरें शेयरधारकों की मंजूरी और रेगुलेटरी अप्रूवल पर टिकी हैं।
