स्टॉक स्प्लिट का प्रस्ताव क्यों?
Avro India Limited के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 25 मार्च 2026 को दोपहर 1:00 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा कंपनी के इक्विटी शेयरों के स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) के प्रस्ताव को मंजूरी देना है। स्टॉक स्प्लिट का मतलब है मौजूदा शेयरों को कई नए शेयरों में बांटना, जिससे प्रति शेयर की कीमत कम हो जाती है। इसका मुख्य मकसद शेयर को छोटे निवेशकों के लिए अधिक सुलभ बनाना और ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ाना होता है।
ट्रेडिंग विंडो में पाबंदी
बोर्ड बैठक के ऐलान के साथ ही, कंपनी ने 21 मार्च 2026 से एक 'ट्रेडिंग विंडो' को बंद करने की भी घोषणा की है। यह पाबंदी कंपनी के अंदरूनी कर्मचारियों और उनके रिश्तेदारों पर लागू होगी और बोर्ड बैठक खत्म होने के 48 घंटे बाद तक जारी रहेगी।
कंपनी की मौजूदा स्थिति और चुनौतियाँ
प्लास्टिक मोल्डेड फर्नीचर बनाने वाली Avro India, जो अपने AVRO और AVON ब्रांड्स के लिए जानी जाती है, हाल के दिनों में मुश्किलों का सामना कर रही है। कंपनी का शेयर भी मार्च 2026 में कई बार लोअर सर्किट (Lower Circuit) को छू चुका है, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
ब्रोकरेज की राय और खतरे
- 'Strong Sell' रेटिंग: MarketsMOJO जैसे एनालिस्ट प्लेटफॉर्म ने कंपनी के कमजोर फंडामेंटल (Fundamentals) और मार्केट सेंटीमेंट (Market Sentiment) को देखते हुए इसे 'Strong Sell' रेटिंग दी है।
- ओवरवैल्यूड स्टॉक: Investing.com ने भी स्टॉक को 'Overvalued' करार दिया है, यानी इसकी मौजूदा कीमत इसके असली मूल्य से ज्यादा मानी जा रही है।
- बिगड़ते वित्तीय हालात: कंपनी की हालिया वित्तीय रिपोर्ट बताती हैं कि नेट सेल्स (Net Sales) और मुनाफा (Profit) लगातार घट रहा है, जबकि देनदारियां (Liabilities) और कर्ज (Debt) बढ़ रहा है।
- कमजोर रिटर्न: पिछले 3-साल का एवरेज रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) केवल 10.4% रहा है, जो कि चिंताजनक है।
- वर्किंग कैपिटल: कंपनी के डेटर डेज़ (Debtor Days) 110 दिन और वर्किंग कैपिटल डेज़ (Working Capital Days) 84.3 दिन तक पहुँच गए हैं, जो प्रबंधन की कुशलता पर सवाल खड़े करते हैं।
शेयर की कीमत और मार्केट कैप
वित्तीय वर्ष 2025 के लिए Avro India ने ₹82.9 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया था। 2026 की शुरुआत में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग ₹163 करोड़ था। शेयर का 52-वीक रेंज ₹101.35 से ₹202 के बीच रहा है।
निवेशक क्या उम्मीद कर रहे हैं?
निवेशक अब बोर्ड बैठक के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं, खासकर स्टॉक स्प्लिट के अनुपात (Ratio) को लेकर। इसके अलावा, कंपनी की भविष्य की योजनाएं और वित्तीय सेहत में सुधार की उम्मीदें भी बाजार की नजरों में रहेंगी।
