Aten Papers की बड़ी खरीदारी: Aten Paper Mill में ₹11.78 करोड़ में खरीदी 27.4% हिस्सेदारी
Aten Papers & Foam Limited (APFL) ने अपने बोर्ड में Aten Paper Mill Limited (APML) में 27.40% की हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे दी है। यह कैश डील लगभग ₹11.78 करोड़ की है। APFL, APML के 2,74,000 इक्विटी शेयर प्रति शेयर ₹430 के भाव पर खरीदेगी। इस हिस्सेदारी खरीद के लिए शेयर खरीद समझौते (SPA) पर 31 मार्च, 2026 को हस्ताक्षर किए गए थे।
टारगेट कंपनी का प्रदर्शन शानदार
Aten Paper Mill Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में ₹177.65 करोड़ के टर्नओवर पर ₹10.67 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का टर्नओवर भी तेजी से बढ़ा है, जो FY23 में सिर्फ ₹2.49 करोड़ था और FY24 में बढ़कर ₹119.45 करोड़ तक पहुंच गया था।
अधिग्रहण के पीछे की रणनीति
इस अधिग्रहण का मुख्य उद्देश्य Aten Papers के रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करना है। APML के ऑपरेशंस को इंटीग्रेट करके APFL अपनी प्रोडक्ट पेशकशों और मार्केट प्रेजेंस का विस्तार करना चाहती है। कंपनी को उम्मीद है कि APML की विशेष विशेषज्ञता, तकनीकी प्रगति और लागत में तालमेल (synergies) से कंपनी को इंडस्ट्री में बेहतर कॉम्पिटिटिव एडवांटेज मिलेगा।
कंपनियों का बैकग्राउंड
Aten Papers & Foam Limited, जो 2019 की शुरुआत में इनकॉर्पोरेट हुई थी, गुजरात में क्राफ्ट पेपर की ट्रेडिंग और वेस्ट पेपर कलेक्शन व प्रोसेसिंग का काम करती है। यह कंपनी हाल ही में पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी है और इसने पिछले साल अपने नेट प्रॉफिट में 152.11% की ग्रोथ दर्ज की है।
Aten Paper Mill Limited की स्थापना अगस्त 2020 में हुई थी और यह पेपर व पेपर प्रोडक्ट्स के मैन्युफैक्चरिंग में लगी हुई है। यह भी दिलचस्प है कि लखानी परिवार के सदस्य, जिनमें मोहम्मद आरिफ मोहम्मद इब्राहिम लखानी और जुनेद लखानी जैसे डायरेक्टर्स शामिल हैं, दोनों कंपनियों APFL और APML में अहम पदों पर हैं।
ऑपरेशनल फायदे और जोखिम
इस डील से APFL को APML की मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटीज और मार्केट प्रेजेंस का सीधा फायदा मिलेगा। दोनों कंपनियों के ऑपरेशंस को इंटीग्रेट करके लागत और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार की उम्मीद है।
हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं जिन पर नजर रखनी होगी। APFL कुछ बड़े ग्राहकों पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जिससे भविष्य में समस्या आ सकती है। कंपनी और उससे जुड़े एंटिटीज पर कुछ कानूनी मामले चल रहे हैं। नए वेस्ट पेपर प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने में भी ऑपरेशनल जोखिम हैं। अतीत में कंपनी को ट्रेडमार्क संबंधी आपत्तियों और स्टैच्यूटरी फाइलिंग्स में देरी का सामना भी करना पड़ा है।
इंडस्ट्री में कॉम्पिटिशन
भारतीय पेपर इंडस्ट्री काफी कॉम्पिटिटिव है, जिसमें JK Paper Limited, West Coast Paper Mills Limited, Seshasayee Paper and Boards Limited और Andhra Paper Ltd. जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। Aten Papers का यह कदम इंडस्ट्री में अपनी स्थिति मजबूत करने की ओर एक कदम है।
आगे क्या?
निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि शेयर खरीद समझौते (SPA) की शर्तें कैसे पूरी होती हैं, सभी जरूरी रेगुलेटरी और बोर्ड अप्रूवल मिलते हैं या नहीं, और APFL अपनी इंटीग्रेशन योजनाओं को कैसे लागू करती है। इस अधिग्रहण का APFL के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर क्या असर पड़ता है, यह देखना भी अहम होगा।
