SEBI के नियमों का सख्ती से पालन
SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत, Astral Limited ने यह अहम कदम उठाया है। कंपनी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जब तक नतीजों की ऑफिशियल घोषणा न हो जाए, तब तक कोई भी अंदरूनी व्यक्ति (insider) अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इनफार्मेशन (UPSI) के आधार पर शेयर ट्रेडिंग न कर सके।
नतीजों से पहले की तैयारी
यह ट्रेडिंग विंडो कंपनी के बोर्ड मीटिंग से ठीक पहले बंद की गई है, जहां फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही और पूरे साल के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी दी जाएगी। नतीजे सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद ही यह विंडो फिर से खोली जाएगी।
Astral Limited का सफर
1996 में स्थापित Astral Limited, भारतीय बिल्डिंग मैटेरियल इंडस्ट्री का एक जाना-पहचाना नाम है। कंपनी ने शुरुआत CPVC पाइप्स से की थी और अब एडहेसिव्स, बाथवेयर और पेंट्स जैसे उत्पादों में भी विस्तार कर चुकी है। कंपनी के लिए FY25 (31 मार्च, 2025 को समाप्त) में रेवेन्यू लगभग ₹5,870 करोड़ रहा था। हाल ही में, Astral की सब्सिडियरी, Al-Aziz Plastics Private Limited को एक नए 'Multiport Water Outlet' के लिए 20 साल का पेटेंट भी मिला है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
इस कदम से Astral Limited के डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज और डायरेक्टर्स कंपनी के शेयर्स में ट्रेड नहीं कर पाएंगे। यह इस बात का संकेत है कि कंपनी अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के परफॉर्मेंस के फिगर्स जल्द ही जारी करने वाली है। बाजार Astral के नतीजों का इंतजार कर रहा है।
