कर्मचारियों को मिलेगा 'शेयर' का हक, कंपनी का ग्लोबल प्लान
Ashapura Minechem Limited ने अपने कर्मचारियों को और मोटिवेट करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ने 'एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान 2026' (ESOP 2026) को हरी झंडी दे दी है। इस प्लान के तहत कंपनी 20 लाख इक्विटी शेयर इश्यू कर सकती है।
इसके साथ ही, कंपनी अपनी ग्लोबल पहुंच को और मजबूत करने की तैयारी में है। Ashapura Minechem, यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में 'Ashapura Resources UAE FZE' नाम से अपनी 100% सब्सिडियरी शुरू करेगी। इसके लिए 1 मिलियन AED (लगभग ₹2.3 करोड़) की शुरुआती कैपिटल रखी गई है।
शेयरधारकों की मुहर जरूरी
ये दोनों बड़े फैसले, साथ ही कुछ डायरेक्टर्स की दोबारा नियुक्ति, शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेंगी। कंपनी ने इसके लिए पोस्टल बैलेट के जरिए वोटिंग कराने का ऐलान किया है। ई-वोटिंग की प्रक्रिया 24 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 अप्रैल 2026 तक चलेगी, और नतीजों का ऐलान 29 अप्रैल 2026 तक हो जाएगा।
क्यों उठाए ये कदम?
ESOP 2026 का मकसद कर्मचारियों को कंपनी की तरक्की से सीधे जोड़ना है, ताकि उनकी मोटिवेशन और कंपनी के प्रति वफादारी बढ़ाई जा सके। वहीं, UAE में नई सब्सिडियरी स्थापित करने से कंपनी को इंटरनेशनल मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और ग्लोबल ट्रेड ऑपरेशंस को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
लीडरशिप में स्थिरता
कंपनी ने श्री हेमुल शाह को CEO के पद पर दोबारा नियुक्त किया है। साथ ही, श्री जगदीश शेट्टी और श्री विल्सन मैथिस जैसे इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की भी वापसी हुई है। यह लीडरशिप टीम कंपनी के ग्रोथ प्लान्स को आगे बढ़ाने में स्थिरता लाएगी।
कंपनी का इतिहास और पहुंच
Ashapura Minechem मल्टी-मिनरल सेक्टर में 1960 से सक्रिय है। कंपनी की UAE, चीन, बेल्जियम और ओमान जैसे देशों में पहले से ही मौजूदगी है। गिनी में इसके बॉक्साइट ऑपरेशंस ग्लोबल एल्युमीनियम इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। कंपनी के शेयर का फेस वैल्यू ₹2 है, जो 2006 में हुए स्टॉक स्प्लिट का भी नतीजा है।
आगे क्या?
निवेशकों को शेयरधारकों की वोटिंग के नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी होगी। इसके अलावा, इंडियन ब्यूरो ऑफ माइन्स से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के एक मामले का भी कंपनी पर असर पड़ सकता है। कंपनी की पिछली स्ट्रैटेजिक बदलावों को देखते हुए, निवेशक आगे के फैसलों पर भी ध्यान देंगे। Ashapura Minechem, कोल इंडिया लिमिटेड, एनएमडीसी लिमिटेड, वेदांता लिमिटेड और गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धी खनन सेक्टर में काम करती है।