प्रमोटर कंट्रोल हुआ और मजबूत
Damodar Industries में प्रमोटरों का कंट्रोल और भी टाइट हो गया है। अरुण कुमार बिय़ाणी अब कंपनी में 34.61% सीधी हिस्सेदारी रखते हैं, जो पहले 23.93% थी। यह बड़ा फेरबदल अनिल बिय़ाणी द्वारा 24,89,500 इक्विटी शेयर (Equity Shares) गिफ्ट में दिए जाने से हुआ है। इस सौदे के बाद अनिल बिय़ाणी की कंपनी में सीधी हिस्सेदारी अब शून्य हो गई है।
रणनीतिक फेरबदल का पैटर्न
यह कोई पहली बार नहीं है जब प्रमोटर परिवार में इस तरह से शेयर ट्रांसफर हुए हैं। इससे पहले 30 जनवरी 2026 को अरुण कुमार बिय़ाणी ने 5,000 शेयर खरीदे थे। साथ ही, अगस्त 2025 में भी इंटर-से गिफ्ट ट्रांसफर (Inter-se gift transfer) के जरिए उन्होंने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई थी। यह सब प्रमोटरों की पकड़ को मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
चुनौतियां और जोखिम
प्रमोटरों का भरोसा बढ़ाने वाले इस कदम के बावजूद, Damodar Industries को कई ऑपरेशनल और फाइनेंशियल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी टेक्सटाइल यार्न (Textile Yarn) जैसे कॉम्पिटिटिव और साइक्लिकल इंडस्ट्री में काम करती है, जहां रॉ मैटेरियल (Raw Material) के दाम में भारी उतार-चढ़ाव आता रहता है। फाइनेंसियल मोर्चे पर, कंपनी पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) से लगातार लो इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो (Low Interest Coverage Ratio) और नेगेटिव रिटर्न ऑन इक्विटी (Negative Return on Equity) से जूझ रही है। इसके अलावा, प्रमोटरों की 30.2% होल्डिंग प्लेज्ड (Pledged) है, FY25 में रेवेन्यू में गिरावट आई है, और कंपनी पर ₹19.0 करोड़ की कंटिंजेंट लायबिलिटीज (Contingent Liabilities) हैं।
आगे क्या?
टेक्सटाइल यार्न मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में Damodar Industries का मुकाबला Indo Count Industries Ltd और Trident Ltd जैसी कंपनियों से है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंसॉलिडेटेड प्रमोटर कंट्रोल के तहत कंपनी की परफॉरमेंस कैसी रहती है और मैनेजमेंट इंडस्ट्री की चुनौतियों से निपटने के लिए क्या नई स्ट्रैटेजी (Strategy) लेकर आता है।
