कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेसोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही Arshiya Limited ने 27 मार्च 2026 को अपनी 43वीं और 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का आयोजन किया। इन बैठकों में कंपनी ने वित्तीय साल 2024 और वित्तीय साल 2025 के स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कंपनी अप्रैल 2024 से कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेसोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में है, जिसके चलते बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के अधिकार निलंबित कर दिए गए हैं। इस स्थिति में, AGM का आयोजन और वित्तीय नतीजों को पास करना कंपनी के लिए कानूनी दायित्वों को पूरा करने और शेयरधारकों के साथ संवाद बनाए रखने का एक अहम कदम है।
बैठकों के दौरान, रेसोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) श्री पंकज महाजन ने शेयरधारकों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने CIRP की समय-सीमा और कंपनी के निवेश की वर्तमान स्थिति जैसे अहम मुद्दों पर जानकारी दी। शेयरधारकों ने 5 साल की अवधि, यानी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2030 तक के लिए एक सेक्रेटेरियल ऑडिटर की नियुक्ति को भी मंजूरी दी।
Arshiya Limited 23 अप्रैल 2024 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा IDBI बैंक द्वारा दायर याचिका स्वीकार किए जाने के बाद CIRP में दाखिल हुई थी। इस प्रक्रिया के तहत, कंपनी के बोर्ड की शक्तियां निलंबित कर दी गई हैं और रेसोल्यूशन प्रोफेशनल को सौंप दी गई हैं।
कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक सब्सिडियरी कंपनियों से आवश्यक जानकारी की कमी के कारण कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरण (Consolidated Financial Statements) तैयार करने में कठिनाई है। इसके अलावा, CIRP प्रक्रिया की अनिश्चितता और लंबी चलने वाली समय-सीमाएं भी प्रमुख जोखिम कारक बनी हुई हैं।
इसके विपरीत, लॉजिस्टिक्स सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे Container Corporation of India (CONCOR) और Snowman Logistics सामान्य परिस्थितियों में अपना कारोबार कर रही हैं। Arshiya की वर्तमान CIRP स्थिति सीधे वित्तीय प्रदर्शन की तुलना को मुश्किल बनाती है।
आगे निवेशक और हितधारक AGM के मतदान परिणामों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करेंगे। CIRP की प्रगति, कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरण तैयार करने में आने वाली चुनौतियों और सेक्रेटेरियल ऑडिटर द्वारा प्रदान की जाने वाली निगरानी पर महत्वपूर्ण अपडेट पर नजर रखी जाएगी।
