FY26 में APT Packaging का जोरदार कमबैक!
APT Packaging Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में ₹160.63 लाख (यानी करीब ₹1.61 करोड़) का इजाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। वहीं, पूरे साल का रेवेन्यू 65.47% की रफ़्तार से बढ़कर ₹2,250.11 लाख (यानी करीब ₹22.50 करोड़) पर जा पहुंचा। कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी ₹70.26 लाख का नेट प्रॉफिट और 49.33% की ईयर-ओवर-ईयर रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की है।
कैसे पलटा पासा?
इस जबरदस्त टर्नअराउंड (Turnaround) की सबसे बड़ी वजह कंपनी के फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग (Financial Restructuring) के प्रयास रहे। मई 2025 में ₹19.65 करोड़ का फंड जुटाया गया था, जिसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) को मजबूत करने में किया गया।
बड़े फाइनेंशियल सुधार
इन कोशिशों का नतीजा यह हुआ कि 31 मार्च, 2026 तक कंपनी की नेट वर्थ, जो पहले नेगेटिव थी, अब बढ़कर ₹1,662.48 लाख हो गई है। मार्च 2025 में जहां कुल उधार ₹23.40 करोड़ था, वहीं मार्च 2026 तक यह घटकर सिर्फ ₹6.54 करोड़ रह गया। इससे कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है।
ऑडिटर की चिंताएं अभी भी बरकरार
हालांकि, इन सकारात्मक नतीजों के बावजूद, ऑडिटर (Auditors) की तरफ से बार-बार उठाए जा रहे सवाल निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। ऑडिटर ने FY 2019-20 के लिए ₹20.70 लाख के GST लायबिलिटी (Liability) पर कोई प्रोविजन (Provision) न करने का मामला उठाया है, जिसकी अपील अभी चल रही है। इसके अलावा, ₹11.45 लाख के डाउटफुल डेट्स (Doubtful Debts) को प्रोविजन न करने की बात भी कही गई है। ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables), पेएबल्स (Payables), लोंस (Loans) और एडवांसेज (Advances) को मिलाने में दिक्कतें और पीएफ (PF) व इनकम टैक्स (Income Tax) जैसे स्टैच्यूटरी ड्यूज (Statutory Dues) जमा करने में देरी जैसी पुरानी समस्याएं भी हाईलाइट की गई हैं।
इंडस्ट्री का परिदृश्य
APT Packaging भारतीय पैकेजिंग सेक्टर में काम करती है, जहां गलाकाट कॉम्पिटिशन (Competition) है। इस सेक्टर में EPL Limited जैसी कंपनियां खास तरह की ट्यूब्स बनाती हैं, वहीं Uflex Limited और TCPL Packaging Ltd जैसी बड़ी कंपनियां कई तरह के पैकेजिंग सॉल्यूशंस पेश करती हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
आगे चलकर, निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि कंपनी ऑडिटर की इन चिंताओं को कैसे दूर करती है। लगातार रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) कंपनी की हेल्थ के लिए अहम होगी। कैपिटल इन्फ्यूजन फंड का भविष्य में विस्तार और कर्ज प्रबंधन में सही इस्तेमाल, साथ ही बैलेंस शीट में लगातार सुधार, ये कुछ ऐसे फैक्टर हैं जिन पर निवेशक ध्यान देंगे। नए नियुक्त स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की भूमिका भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
