Apollo Tyres के दमदार नतीजे: रेवेन्यू में 14% का उछाल
Apollo Tyres ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में मजबूत प्रदर्शन करते हुए अपना कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14% बढ़ाकर ₹73.4 अरब कर लिया है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 14.6% रहा।
भारत में दमदार मांग बनी सहारा
कंपनी के इस रेवेन्यू ग्रोथ में भारत ऑपरेशन्स का बड़ा योगदान रहा। देश में रिप्लेसमेंट और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) दोनों सेगमेंट में हाई-टीन्स (लगभग 15-19%) की वॉल्यूम ग्रोथ देखने को मिली। वहीं, कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को भी मजबूत किया है, जिसमें नेट डेट टू EBITDA रेश्यो घटकर 0.4x के शानदार स्तर पर आ गया है।
रॉ मैटेरियल की बढ़ती लागत से मार्जिन पर दबाव
हालांकि, मैनेजमेंट ने आने वाली चुनौतियों के प्रति आगाह किया है। अगले फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1 FY27) में रॉ मैटेरियल की लागत में मिड-टू-हाई टीन्स (लगभग 15-19%) की बढ़ोतरी की आशंका है। इसके चलते कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। इस लागत को पूरा करने के लिए, Apollo Tyres भारत और यूरोप दोनों बाजारों में अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही है। भारत में 6-8% और यूरोप में 2% तक कीमतें बढ़ाई जा सकती हैं।
यूरोप में प्लांट बंद करने की तैयारी
Apollo Tyres यूरोप में अपनी प्रॉफिटेबिलिटी और कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाने के लिए Enschede प्लांट को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है, जो 30 जून तक बंद हो जाएगा। इस कदम से FY27 की दूसरी छमाही से यूरोपीय मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। कंपनी ने इस प्लांट को बंद करने के लिए EUR 55 मिलियन से अधिक की प्रोविजनिंग भी कर ली है।
आगे की रणनीति और निवेश
कंपनी भारत में ट्रक और कार टायर्स के प्रोडक्शन के लिए ₹3,000 करोड़ का बड़ा कैपेक्स (CapEx) करने की योजना बना रही है। साथ ही, FY27 में एक कंसेशनल टैक्स रेजिम में ट्रांजिशन से ₹570 करोड़ से अधिक का पॉजिटिव इम्पैक्ट प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट पर देखने को मिल सकता है।
प्रमुख रिस्क और निवेशक क्या देखें
कंपनी के लिए इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता एक बड़ा कंसर्न बनी हुई है। नेचुरल रबर की कीमत ₹200/kg से बढ़कर ₹250/kg हो गई है। वहीं, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता भी लॉजिस्टिक्स और एनर्जी कॉस्ट को प्रभावित कर रही है। निवेशकों को Q1 FY27 के नतीजों में रॉ मैटेरियल इन्फ्लेशन का मार्जिन पर असर, कीमतों में बढ़ोतरी की प्रभावशीलता, Enschede प्लांट बंद होने के फायदों और नए टैक्स रिजीम के इम्पैक्ट पर नजर रखनी चाहिए।
कंपटीटर लैंडस्केप
Apollo Tyres के कंपटीटर्स जैसे CEAT Ltd. ने Q4 FY24 में ₹3,145 करोड़ का रेवेन्यू और 13.1% का ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन दर्ज किया था, जो इसी तरह की लागत चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। MRF Ltd., Continental और Michelin जैसी कंपनियां भी इनपुट कॉस्ट साइकल्स और स्लगिश मार्केट कंडीशन्स से प्रभावित हो रही हैं।