चेन्नई में ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ कस्टम्स ने Apollo Tyres को ₹14.34 लाख का पेनल्टी ऑर्डर जारी किया है। यह पेनल्टी कुछ सामानों के हॉर्मोनाइज्ड सिस्टम ऑफ नोमेनक्लेचर (HSN) क्लासिफिकेशन को लेकर चल रहे एक विवाद के कारण लगाई गई है।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस ऑर्डर का उनके ऑपरेशन्स पर कोई खास वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा। Apollo Tyres ने यह भी कन्फर्म किया है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपीलेट अथॉरिटी (Appellate Authority) में अपील करने का इरादा रखती है।
फाइनेंशियल ईयर 2025 (जो मार्च 2025 में खत्म हुआ) के लिए ₹25,177 करोड़ के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) और FY24 में ₹1,635 करोड़ के नेट प्रॉफिट (Net Profit) के मुकाबले, ₹14.34 लाख का यह जुर्माना Apollo Tyres के बिज़नेस स्केल की तुलना में काफी छोटा है। हालांकि, ऐसे विवाद सेक्टर में व्यापक कंप्लायंस (Compliance) की ओर इशारा कर सकते हैं। इसके प्रतिद्वंद्वी CEAT Ltd और MRF Ltd भी इसी तरह के कस्टम्स और ट्रेड क्लासिफिकेशन नियमों के तहत काम करते हैं।
Apollo Tyres का अपील करने का फैसला, उनके पक्ष को लेकर उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है और क्लासिफिकेशन मुद्दे को हल करने की उनकी रणनीति का हिस्सा है। अब कंपनी अपना अपील तैयार करने और फाइल करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।