रेवेन्यू में 9% की बढ़ोतरी, ₹6 का डिविडेंड
Apollo Tyres ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹28,470 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया है, जो पिछले साल की तुलना में 9% अधिक है। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में थोड़ी कमी आई, लेकिन टैक्स में मिले फायदों (tax benefits) की वजह से कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 22.4% बढ़कर ₹1,372 करोड़ हो गया।
शेयरधारकों को बड़ा तोहफा
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों को बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने ₹2.50 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (dividend) की सिफारिश की है। इस तरह, FY26 के लिए कुल प्रस्तावित डिविडेंड ₹6.00 प्रति शेयर हो जाता है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
गवर्नेंस पर फोकस
कंपनी ने Ms. Lakshmi Puri की एक और पांच साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में पुनः नियुक्ति के लिए भी शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। इसके साथ ही, M/s. BBS Associates को FY27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) नियुक्त किया गया है।
कॉम्पिटिटर्स से बेहतर प्रदर्शन
FY26 के नतीजों में Apollo Tyres ने अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों MRF Ltd, CEAT Ltd और JK Tyre & Industries Ltd के मुकाबले मजबूत प्रदर्शन किया है। जहाँ Apollo Tyres का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹28,470 करोड़ रहा, वहीं इसका नेट प्रॉफिट ₹1,372 करोड़ CEAT (₹465 करोड़) और JK Tyre (₹225 करोड़) से कहीं अधिक है।
वित्तीय स्थिति और भविष्य की राह
कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) लगभग 0.3x है, जो एक मजबूत और मैनेज करने योग्य कैपिटल स्ट्रक्चर को दर्शाता है। हालांकि, कच्चे माल जैसे नेचुरल रबर और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा बाजार की कड़ी प्रतिस्पर्धा भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। निवेशक अब FY27 के आउटलुक और मार्जिन ड्राइवर्स पर मैनेजमेंट के कमेंट्री का इंतजार कर रहे हैं।
