नतीजे और बड़ी वित्तीय चालें
Apollo Tyres के FY26 के नतीजे सामने आ गए हैं। कंपनी ने मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4) में ₹630.97 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹7,335.67 करोड़ रहा। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंपनी का कुल कंसोलिडेटेड इनकम ₹28,604.01 करोड़ था और नेट प्रॉफिट ₹1,372.42 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू में 9.13% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
टैक्स गेन से बड़ा बूस्ट, पर प्लांट क्लोजर का बड़ा झटका
कंपनी के प्रॉफिट में एक बड़ी वजह रही ₹573.67 करोड़ का एक टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit)। यह लाभ नए टैक्स नियमों को अपनाने से मिला है। वहीं, दूसरी तरफ Apollo Tyres को अपने नीदरलैंड्स के एंस्चेडे (Enschede) प्लांट में टायर प्रोडक्शन बंद करने के लिए ₹1,000.12 करोड़ का एक बड़ा एक्सेप्शनल चार्ज (Exceptional Charge) बुक करना पड़ा है।
स्ट्रैटेजिक moves और डिविडेंड
यह प्लांट क्लोजर कंपनी की ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित (Streamline) करने की व्यापक स्ट्रैटेजी (Strategy) का हिस्सा है। नीदरलैंड्स प्लांट, जो 2009 में Vredestein के अधिग्रहण (Acquisition) से मिला था, उसे बंद करके प्रोडक्शन को कंसोलिडेट (Consolidate) करने का लक्ष्य है ताकि भविष्य में लागत बच सके और एफिशिएंसी (Efficiency) बढ़ाई जा सके।
अपने शेयरहोल्डर्स को कंपनी ने एक अंतिम डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। बोर्ड ने FY26 के लिए ₹2.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का प्रस्ताव दिया है। इंटरिम डिविडेंड को मिलाकर, पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल ₹6.00 प्रति शेयर का डिविडेंड बनता है।
बाजार में पकड़
Apollo Tyres की लगातार रेवेन्यू ग्रोथ उसके प्रोडक्ट्स की अच्छी डिमांड का संकेत है। यूरोप में Vredestein ब्रांड के साथ इसके ऑपरेशंस इसे MRF और CEAT जैसे डोमेस्टिक खिलाड़ियों से अलग करते हैं, हालांकि JK Tyre जैसी कंपनियों की भी ग्लोबल मौजूदगी है।
