शेयर क्यों गिर रहे हैं? निवेशक क्यों चिंतित?
Apollo Techno Industries के निवेशकों के लिए लिस्टिंग के बाद का समय काफी निराशाजनक रहा है। कंपनी के शेयर अपने आईपीओ प्राइस से लगभग 25% नीचे आ गए हैं, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। इस गिरावट की एक वजह यह भी है कि कंपनी का एक बड़ा ज़मीनी सौदा रद्द हो गया है, जिसने भविष्य की ग्रोथ योजनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आईपीओ फंड का इस्तेमाल: कंपनी ने क्या कहा?
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपनी मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट पेश की है, जिसमें बताया गया है कि आईपीओ से जुटाए गए ₹47.96 करोड़ का पूरा पैसा इस्तेमाल हो चुका है। यह रिपोर्ट CARE Ratings ने तैयार की है।
फंड का पूरा हिसाब:
- वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹38.50 करोड़ का इस्तेमाल किया गया, जो आईपीओ का मुख्य उद्देश्य था।
- जनरल कॉर्पोरेट पर्पज (General Corporate Purposes) के लिए ₹3.63 करोड़ आवंटित किए गए।
- इश्यू-रिलेटेड एक्सपेंसेस (Issue-related expenses) पर ₹5.81 करोड़ खर्च हुए।
- कुल मिलाकर ₹47.94 करोड़ का खर्च दर्ज किया गया।
एक मामूली ₹0.11 करोड़ का ओवर-यूटिलाइजेशन जनरल कॉर्पोरेट पर्पज में हुआ, क्योंकि असल इश्यू एक्सपेंसेस उम्मीद से कम रहे।
रद्द हुआ ज़मीन सौदा
इसके अलावा, एक ₹3 करोड़ का एडवांस देकर तय किया गया ज़मीन सौदा तिमाही खत्म होने के बाद रद्द कर दिया गया। कंपनी ने इस राशि को ब्याज सहित वापस भी प्राप्त कर लिया है।
निवेशकों का नजरिया
आईपीओ फंड का इस्तेमाल ट्रैक करना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे पता चलता है कि कंपनी अपनी बताई योजनाओं पर चल रही है या नहीं। Apollo Techno Industries के फरवरी 2026 के आईपीओ के बाद से शेयर का प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है। ज़मीन सौदे का रद्द होना कंपनी के एग्जीक्यूशन (Execution) और भविष्य की योजनाओं पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक अब जनरल कॉर्पोरेट पर्पज फंड के भविष्य के आवंटन पर नजर रखेंगे। साथ ही, शेयर के प्रदर्शन और बाजार के रुझानों पर भी वे पैनी नजर बनाए रखेंगे। कंपनी की ओर से किसी भी नई रणनीतिक घोषणा या प्रोजेक्ट डेवलपमेंट पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।