फंड्स का इस्तेमाल और मार्जिन पर दबाव
Apollo Pipes Limited ने हाल ही में अपनी मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट पेश की है, जिसमें ₹110 करोड़ के Preferential Issue of Warrants के इस्तेमाल की जानकारी दी गई है। कंपनी ने अब तक इस फंड में से ₹27.50 करोड़ प्राप्त कर लिए हैं और उन्हें पूरी तरह इस्तेमाल भी कर लिया है। इसमें FY26 की पहली तिमाही में ₹11.03 करोड़ और दूसरी तिमाही में ₹16.47 करोड़ लगाए गए हैं। हालांकि, इस इश्यू का एक बड़ा हिस्सा, यानी ₹82.50 करोड़, अभी भी मिलना बाकी है, जिससे कंपनी के लिए फंड की कमी बनी हुई है।
वित्तीय प्रदर्शन में मिली-जुली तस्वीर
फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में Apollo Pipes ने रेवेन्यू ग्रोथ तो दर्ज की है। कंपनी की टोटल ऑपरेटिंग इनकम ₹1182 करोड़ रही, जो FY24 के ₹989 करोड़ से ज्यादा है। लेकिन, रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद, ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव साफ दिखा। FY25 में मार्जिन घटकर 8.33% रह गया, जबकि FY24 में यह 9.94% था।
FY26 की पहली नौ महीनों (9MFY26) के आंकड़े और भी चिंताजनक हैं। इस अवधि में टोटल ऑपरेटिंग इनकम ₹758 करोड़ रही, जो पिछले साल इसी अवधि के ₹867 करोड़ से कम है। वहीं, ऑपरेटिंग मार्जिन भी घटकर 6.39% हो गया, जबकि 9MFY25 में यह 8.27% था। कंपनी ने इसका मुख्य कारण मार्केट में कमजोर डिमांड और बढ़ा हुआ कंपटीशन बताया है।
निवेशकों के लिए मुख्य चिंताएं
निवेशक कई बातों को लेकर चिंतित हैं। सबसे बड़ी चिंता ₹82.50 करोड़ के बकाया फंड की है, जो अभी तक कंपनी को नहीं मिले हैं। ऑपरेटिंग मार्जिन में लगातार हो रही गिरावट, जो कमजोर डिमांड और कंपटीशन से बढ़ी है, एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा, शेयर का मौजूदा मार्केट प्राइस ₹550 के वारंट इश्यू प्राइस से काफी नीचे है, जो शेयरहोल्डर सेंटिमेंट को प्रभावित कर सकता है। वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फंड्स का सही उपयोग, खासकर एक्सपेंशन के बाद, भी बारीकी से मॉनिटर किया जा रहा है।
मार्केट और प्रतिस्पर्धी (Peers)
Apollo Pipes प्लास्टिक पाइप्स मार्केट में काम करती है, जहां Astral Poly Technik Ltd. जैसी कंपनियां 15% तक रेवेन्यू ग्रोथ और 15% से ऊपर मार्जिन बनाए हुए हैं। वहीं, Prince Pipes and Fittings Ltd. ने भी FY24 में करीब 10% रेवेन्यू ग्रोथ और 10-12% मार्जिन दर्ज किया है, जो Apollo Pipes के मुकाबले बेहतर स्थिति दिखाते हैं।
