रेवेन्यू की बहार, पर मुनाफे पर भारी मार
Apollo Pipes ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में अपनी बिक्री की मात्रा (Sales Volume) में 21% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की, जो 31,366 टन तक पहुंच गई। इस वॉल्यूम ग्रोथ ने कंपनी के रेवेन्यू को ₹350 करोड़ तक पहुंचाने में मदद की। हालांकि, कच्चे माल, खासकर PVC Resin की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव और मांग में आई नरमी ने कंपनी के मुनाफे पर गहरा असर डाला। नतीजतन, नेट प्रॉफिट 90% की भारी गिरावट के साथ ₹1 करोड़ के स्तर पर सिमट गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर का प्रदर्शन
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो, Apollo Pipes का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 6% घटकर ₹1,100 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 77% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹7.5 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के EBITDA में भी पूरे साल के दौरान 31% की कमी देखी गई।
अधिग्रहण और विस्तार की योजनाएं
बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए, Apollo Pipes ने हाल ही में ₹156 करोड़ में Kisan Mouldings Ltd. का अधिग्रहण पूरा किया है। इस कदम से कंपनी की उत्पादन क्षमता (Manufacturing Capacity) और बाजार पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, खासकर एग्रीकल्चर सेक्टर में।
इसके अलावा, कंपनी ने Lubrizol Advanced Materials के साथ मिलकर नए CPVC पाइप्स लॉन्च करने की तैयारी की है। Apollo Pipes का लक्ष्य अगले दो सालों में अपनी कुल उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 288,000 टन तक पहुंचाना है, जिसके लिए कंपनी अपने इंटरनल कैश फ्लो का इस्तेमाल करेगी।
भविष्य का नज़रिया और चुनौतियां
कंपनी को उम्मीद है कि बढ़ती बिक्री मात्रा और विस्तार योजनाओं से रेवेन्यू ग्रोथ जारी रहेगी। Kisan Mouldings के एकीकरण से कंपनी की क्षमता और बाजार में पकड़ मजबूत होगी। Apollo Pipes को आशा है कि PVC की कीमतों में स्थिरता आने और नए उत्पादों के लॉन्च होने से FY27 में मुनाफे में सुधार देखने को मिलेगा।
हालांकि, कच्चे माल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव, मौसम की अनिश्चितताएं और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों से मांग में कमी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। Kisan Mouldings के अधिग्रहण का सफल एकीकरण और क्षमता विस्तार के लक्ष्यों को पूरा करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
