Apollo Micro Systems ने वारंट कनवर्ज़न के ज़रिए 13,000 इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं, जिससे कंपनी को ₹11.11 लाख (₹11,11,500) का फंड मिला है। इस कैपिटल इनफ्यूज़न (Capital Infusion) से कंपनी का इश्यू और पेड-अप कैपिटल मामूली बढ़कर ₹35.73 करोड़ हो गया है। नए अलॉट किए गए शेयर मौजूदा इक्विटी शेयरों के समान अधिकार रखेंगे।
कंपनी की ओर से की गई ताज़ा फाइलिंग के मुताबिक, 12 मई 2026 को Apollo Micro Systems ने ₹1 फेस वैल्यू वाले 13,000 इक्विटी शेयरों के अलॉटमेंट को मंज़ूरी दी थी। यह शेयर वारंट कनवर्ज़न के बाद जारी किए गए, जिसके लिए कंपनी को ₹11,11,500 का एक्सरसाइज प्राइस मिला। इस कदम से कंपनी का कुल इश्यू और पेड-अप कैपिटल ₹35,73,05,440 तक पहुँच गया है, जो पहले ₹35,72,92,440 था।
हालांकि यह कैपिटल बूस्ट (Capital Boost) रकम के लिहाज़ से मामूली है, पर यह दर्शाता है कि कंपनी अपने इक्विटी स्ट्रक्चर को सक्रिय रूप से प्रबंधित कर रही है और अपने कैपिटल बेस का थोड़ा विस्तार कर रही है।
यह ध्यान देने योग्य है कि Apollo Micro Systems ने पहले भी कैपिटल रेज़िंग की है। अक्टूबर 2023 में, कंपनी ने Qualified Institutional Placement (QIP) के माध्यम से लगभग ₹150 करोड़ जुटाए थे, जिनका इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल को मज़बूत करने और ग्रोथ पहलों को फंड करने के लिए किया गया था।
Apollo Micro Systems, डिफेंस और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सक्रिय है। इस सेक्टर में इसके मुख्य प्रतिस्पर्धियों में Data Patterns (India) Ltd, Bharat Dynamics Ltd, और Bharat Electronics Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं। जहाँ ये अन्य कंपनियां बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स पर काम करती हैं, वहीं Apollo Micro Systems का यह वारंट कनवर्ज़न एक विशिष्ट कंपनी-स्तरीय वित्तीय कदम है, न कि किसी बड़े सेक्टर ट्रेंड का हिस्सा।
