Aplab Limited ने 18 अप्रैल 2026 को होने वाली EGM के लिए एजेंडा जारी कर दिया है। शेयरधारकों की मंजूरी से सुरेश एस. शाह को 5 साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनाया जाएगा। उनका कार्यकाल 19 जनवरी 2026 से प्रभावी माना गया है। शाह टेक्सटाइल और पॉलिएस्टर यार्न इंडस्ट्री में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव रखते हैं।
यह EGM वर्चुअल (Virtual) तरीके से आयोजित की जाएगी, जिसमें अधिकतम 1000 शेयरधारक ही शामिल हो सकेंगे, वो भी पहले आओ-पहले पाओ (first-come, first-served) के आधार पर। शेयरधारकों के पास 15 अप्रैल से 17 अप्रैल 2026 तक NSDL प्लेटफॉर्म के जरिए रिमोट ई-वोटिंग (e-voting) करने का भी विकल्प है। ई-वोटिंग के लिए पात्रता कट-ऑफ डेट 10 अप्रैल 2026 रखी गई थी।
बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के लिए बेहद अहम होती है। ये डायरेक्टर निष्पक्ष राय देते हैं और शेयरधारकों के हितों की रक्षा करते हैं। टेक्सटाइल सेक्टर में शाह के विशाल अनुभव से Aplab के बोर्ड को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कंपनी, जो 1962 में स्थापित हुई थी, प्रोफेशनल इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट बनाती है। हाल ही में बोर्ड में कुछ बदलाव हुए हैं। 19 जनवरी 2026 को ही इंडिपेंडेंट डायरेक्टर उमा बालकृष्णन (Uma Balakrishnan) ने इस्तीफा दिया था, उसी दिन शाह की नियुक्ति प्रभावी हुई। इससे पहले 30 जून 2025 को हरेष जी. देसाई (Haresh G. Desai) को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। Aplab के बोर्ड का औसत कार्यकाल लगभग 1.9 साल रहा है।
Aplab का मुकाबला इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियों जैसे Dixon Technologies, Syrma SGS Technology और Kaynes Technology से है। इन प्रतिस्पर्धियों के बीच मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस और अनुभवी बोर्ड का होना कंपनी की राह आसान बनाता है।
वर्चुअल मीटिंग की 1000 लोगों की क्षमता एक चिंता का विषय हो सकती है, जो कई शेयरधारकों को भाग लेने से रोक सकती है। शाह की औपचारिक नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करती है, खासकर तब जब वे फिलहाल Aplab के कोई इक्विटी शेयर (equity shares) नहीं रखते। निवेशक वोटिंग के नतीजे और शाह द्वारा कंपनी की स्ट्रेटेजिक दिशा में लाए जाने वाले इनपुट्स पर नजर रखेंगे।
