कंपनी की माली हालत पर एक नज़र
यह ट्रेडिंग विंडो बंद करना सूचीबद्ध कंपनियों के लिए एक सामान्य प्रक्रिया है, खासकर जब वे अपने वित्तीय नतीजे जारी करने वाली होती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य अंदरूनी ट्रेडिंग (insider trading) को रोकना है, ताकि कोई भी गैर-सार्वजनिक जानकारी का फायदा न उठा सके।
लेकिन Andhra Pradesh Tanneries के मामले में, यह कदम कंपनी की गंभीर वित्तीय चुनौतियों के बीच उठाया गया है। 31 मार्च, 2024 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी को ₹27.13 लाख का शुद्ध नुकसान (net loss) हुआ था, और इसका नेट वर्थ ₹1,257.54 लाख नकारात्मक (negative) था। यह मुश्किलों का सिलसिला फाइनेंशियल ईयर 2025 में भी जारी रहा, जहां ₹27.29 लाख का एक और शुद्ध नुकसान दर्ज किया गया और नेट वर्थ ₹1,284.83 लाख नकारात्मक रहा।
ऑडिटर्स ने भी कंपनी की लगातार हो रही हानियों (losses) और नकारात्मक नेट वर्थ को देखते हुए इसके संचालन जारी रखने की क्षमता पर चिंता जताई है। इसके अलावा, 30 जून, 2025 तक कंपनी का प्लांट बंद पाया गया था।
SEBI के नियमों का पालन करते हुए, कंपनी ने पहले भी नतीजों की घोषणा से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद की है। इस दौरान, प्रमोटरों, निदेशकों, प्रमुख प्रबंधन और उनके करीबी रिश्तेदारों सहित कंपनी के अंदरूनी लोगों को कंपनी के शेयर खरीदने या बेचने की मनाही होती है।
कंपनी की यह लगातार गिरती माली हालत और नकारात्मक नेट वर्थ एक बड़ा जोखिम पैदा करते हैं, जिससे कंपनी के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं, जैसा कि इसके ऑडिटर्स ने भी पहले इशारा किया था।
निवेशक अब बोर्ड मीटिंग की आधिकारिक तारीख का इंतजार कर रहे हैं। FY2026 के विस्तृत ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स कंपनी के वित्तीय भविष्य का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
