Ampvolts Ltd ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में तूफानी तेजी देखी गई है। EV इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में उतरने का फैसला कंपनी के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ है, लेकिन इसी के साथ कुछ बड़ी चिंताएं भी सामने आई हैं।
कंपनी का टोटल इनकम (Total Income) Q4 FY26 में 627.52% बढ़कर ₹12.34 करोड़ हो गया, जबकि पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए रेवेन्यू 698.22% की छलांग लगाकर ₹23.76 करोड़ पर पहुंच गया। यह EV सेक्टर में कंपनी की आक्रामक एंट्री को दिखाता है।
इसके बावजूद, Ampvolts ने Q4 FY26 में अपने प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल के मुकाबले 89% की भारी गिरावट दर्ज की, जो ₹1.20 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹0.13 करोड़ रह गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए PAT बढ़कर ₹1.55 करोड़ (FY25 में ₹0.46 करोड़) हुआ है, लेकिन Q4 की मुनाफावसूली में आई कमी चिंताजनक है।
Ampvolts ने FY24 से ही EV चार्जिंग और फ्लीट मैनेजमेंट सेक्टर में अपनी रणनीति को बदला है। इस विस्तार के लिए भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) और शॉर्ट-टर्म बोरिंग्स (Short-term Borrowings) में बड़ा इजाफा हुआ है।
बढ़ती चिंताएं:
- बकाए का पहाड़: कंपनी के ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) बढ़कर ₹19.85 करोड़ हो गए हैं, जो FY26 के ऑपरेशनल रेवेन्यू (₹20.64 करोड़) का लगभग पूरा हिस्सा है। यह खराब कैश कन्वर्जन (Cash Conversion) का संकेत देता है।
- कर्ज़ में 4 गुना उछाल: कुल बोरिंग्स (Total Borrowings) बढ़कर ₹49.36 करोड़ हो गई हैं, जो पिछले साल (₹11.35 करोड़) के मुकाबले चार गुना से भी ज्यादा है। यह हाई फाइनेंशियल लीवरेज (Financial Leverage) को दर्शाता है।
- ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव: FY26 के लिए कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो (Operating Cash Flow) ₹-21.99 करोड़ रहा, जिसका मतलब है कि कंपनी के ऑपरेशनल कामों के लिए कैश की जरूरत पड़ रही है।
- Q4 मुनाफे में गिरावट: हाई रेवेन्यू के बावजूद, Q4 में मुनाफे में आई भारी कमी मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) या बढ़े हुए ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस (Operating Expenses) की ओर इशारा करती है।
प्रतिस्पर्धा:
Ampvolts का 698% रेवेन्यू ग्रोथ, EV चार्जिंग स्पेस के कई स्थापित प्लेयर्स से काफी बेहतर है। Exicom Tele-Systems जैसे प्लेयर्स भी अच्छी ग्रोथ दिखा रहे हैं, लेकिन मार्जिन की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। वहीं, Tata Power जैसी बड़ी कंपनियां ज्यादा स्टेबल रेवेन्यू और बेहतर कैश फ्लो ऑफर करती हैं।
मुख्य फाइनेंशियल आंकड़े:
- टोटल इनकम (FY26): ₹23.76 करोड़ (FY25: ₹2.98 करोड़)
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (FY26): ₹1.55 करोड़ (FY25: ₹0.46 करोड़)
- ट्रेड रिसीवेबल्स (मार्च 31, 2026): ₹19.85 करोड़ (मार्च 31, 2025: ₹0.70 करोड़)
- टोटल बोरिंग्स (मार्च 31, 2026): ₹49.36 करोड़ (मार्च 31, 2025: ₹11.35 करोड़)
- नेट कैश फ्लो फ्रॉम ऑपरेटिंग एक्टिविटीज (FY26): ₹-21.99 करोड़
आगे क्या देखें:
- मैनेजमेंट की बकाए से कैश वसूलने की योजना।
- बढ़े हुए कर्ज़ को संभालने और ऑपरेटिंग कैश फ्लो को बूस्ट करने की स्ट्रेटेजी।
- आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू ग्रोथ के साथ प्रॉफिटेबिलिटी का ट्रेंड।
- कंपनी के EV प्रोजेक्ट्स और मार्केट में उनकी पकड़।
- कर्ज़ रीस्ट्रक्चरिंग (Debt Restructuring) या नए फाइनेंसिंग (Financing) पर अपडेट।
