Ampvolts Cholamandalam: पश्चिमी भारत में ई-ट्रकों की धूम! 17 EV चार्जिंग हब लॉन्च

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Ampvolts Cholamandalam: पश्चिमी भारत में ई-ट्रकों की धूम! 17 EV चार्जिंग हब लॉन्च
Overview

Ampvolts और Cholamandalam Leasing ने मिलकर पश्चिमी भारत में **17** इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग हब बनाने की घोषणा की है। इस पहल का मकसद इलेक्ट्रिक ट्रकिंग को बढ़ावा देना और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को दूर करना है, जिससे CO2 उत्सर्जन में भी कमी आएगी।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

ई-ट्रकिंग के भविष्य को नई रफ्तार देने के लिए Ampvolts और Cholamandalam Leasing ने हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियों ने मिलकर पश्चिमी भारत में 17 हाई-कैपेसिटी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग हब स्थापित करने का फैसला किया है। इस बड़ी पहल का लक्ष्य इलेक्ट्रिक ट्रकिंग को अपनाने की रफ्तार को तेज करना है, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी रुकावटों को दूर करके।

यह कदम इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के लिए एक बड़ी समस्या को दूर करेगा, जो है भरोसेमंद और हाई-कैपेसिटी चार्जिंग नेटवर्क की कमी, खासकर लंबी दूरी की यात्राओं के लिए। इस इंफ्रास्ट्रक्चर गैप को भरने से फ्लीट ऑपरेटर्स का भरोसा बढ़ेगा और उनकी ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार होगा। साथ ही, यह कंपनियों को उनके सस्टेनेबिलिटी टारगेट्स को पूरा करने और बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक लॉजिस्टिक्स को राष्ट्रीय हरित उद्देश्यों के साथ संरेखित करने में मदद करेगा। इस प्रोजेक्ट से सालाना लगभग 6,50,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन कम होने का अनुमान है।

Ampvolts, जो साल 2000 में स्थापित हुई थी और पहले Quest Softech (India) Limited के नाम से जानी जाती थी, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर कंसल्टेंसी से EV चार्जिंग सॉल्यूशंस के एक प्रमुख प्रदाता के रूप में उभरी है। कंपनी चार्ज पॉइंट ऑपरेटर (CPO) के तौर पर काम करती है और उसके पास EV इंफ्रास्ट्रक्चर डिप्लॉय करने का अनुभव है। वहीं, Cholamandalam Leasing Limited, जो Cholamandalam Investment and Finance Company Limited ग्रुप का हिस्सा है, इस साझेदारी में अपनी फाइनेंसियल विशेषज्ञता लाएगी। पैरेंट ग्रुप का काइनेटिक ग्रीन एनर्जी जैसे निर्माताओं के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक वाहनों को फाइनेंस करने का अनुभव भी है।

इन 17 नए हब के बनने से पश्चिमी भारत में चार्जिंग की सुविधा बढ़ेगी, जिससे लंबी दूरी के इलेक्ट्रिक ट्रकों के ऑपरेटर्स की रेंज एंग्जायटी (range anxiety) कम होगी। इससे वाहनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। यह पहल दोनों कंपनियों को भारी-भरकम इलेक्ट्रिक ट्रक मार्केट में जबरदस्त ग्रोथ का फायदा उठाने में मदद करेगी। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि यह मार्केट फाइनेंशियल ईयर 2030 तक सालाना करीब 55% की दर से बढ़ेगा। सरकार की सब्सिडी और इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए कार्यक्रमों के चलते, कुल कमर्शियल EV मार्केट 2033 तक 38.6 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

हालांकि, इलेक्ट्रिक फ्लीट को बड़े पैमाने पर अपनाने में कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। इनमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता, EV के परफॉरमेंस से जुड़ी ऑपरेशनल अनिश्चितताएं और मौजूदा लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस में इन नई प्रणालियों को इंटीग्रेट करने की जटिलता शामिल है।

Ampvolts और Cholamandalam की यह कोशिश एक कॉम्पिटिटिव मार्केट में हो रही है, जहां Tata Power, ChargeZone, और Statiq जैसे बड़े खिलाड़ी पहले से ही देश भर में चार्जिंग नेटवर्क चला रहे हैं। भविष्य में, स्टेशन डिप्लॉयमेंट की टाइमलाइन और इन रूट्स पर इलेक्ट्रिक ट्रकिंग को अपनाने की रफ्तार पर सबकी निगाहें रहेंगी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.