IPO से मिली बड़ी राहत, अब ग्रोथ की तैयारी
Amir Chand Jagdish Kumar Exports के लिए 2 अप्रैल, 2026 का दिन अहम रहा, जब कंपनी के शेयर्स नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ट्रेडिंग के लिए लिस्ट हुए। इस Initial Public Offering (IPO) के जरिए कंपनी ने ₹4,111.14 मिलियन यानी ₹411.11 करोड़ की रकम जुटाई है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
9 महीनों के नतीजे भी दमदार
IPO की सफलता के साथ-साथ कंपनी ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई 9 महीने की अवधि के लिए अपने अनऑडिटेड कंसॉलिडेटेड वित्तीय नतीजे भी जारी किए। इसके मुताबिक, कंपनी ने इस दौरान ₹1,107.68 मिलियन यानी ₹110.77 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया। वहीं, इसी अवधि में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹15,924.58 मिलियन रहा।
नए लेबर कोड्स पर भी नजर
कंपनी मैनेजमेंट नए लेबर कोड्स के संभावित असर का भी लगातार मूल्यांकन कर रहा है, जो 21 नवंबर, 2025 से लागू हो चुके हैं। ये कोड्स खासकर कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स से जुड़े नियमों में बदलाव लाते हैं। हालांकि, फिलहाल कंपनी को इससे कोई बड़ा फाइनेंशियल असर दिखने की उम्मीद नहीं है, लेकिन इस पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
