इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन की तूफानी रफ्तार!
FY26 के नतीजों में सबसे खास बात इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन का प्रदर्शन रहा। इस डिविजन ने शानदार 49% की रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की है, जो कंपनी की नई दिशा और सफलता को दर्शाता है। चौथे क्वार्टर (Q4FY26) में भी कंपनी की रफ्तार बनी रही, जहां रेवेन्यू 10% बढ़कर ₹4,148 करोड़ रहा, वहीं एडजस्टेड PAT में 27% का उछाल आया और यह ₹162 करोड़ पर जा पहुंचा।
डायवर्सिफिकेशन का कमाल
Amber Enterprises ने सिर्फ AC कंपोनेंट्स तक सीमित न रहकर इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और डिफेंस जैसे सेक्टर्स में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। स्ट्रैटेजिक एक्विजिशन (जैसे Shogini Technoarts, Power-One Microsystem) और क्षमता विस्तार के दम पर कंपनी ग्रोथ के रास्ते पर है। हाल ही में कंपनी ने QIP के जरिए ₹1,000 करोड़ जुटाए हैं, जिससे भविष्य की योजनाओं को और मजबूती मिलेगी।
भविष्य की क्षमता और आर्डर बुक
कंपनी का रेलवे और डिफेंस आर्डर बुक ₹2,600 करोड़ से ज्यादा का हो चुका है, जो भविष्य में कमाई का एक बड़ा जरिया बनेगा। कंपनी अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) को बढ़ाने पर जोर दे रही है और नए प्रोजेक्ट्स जैसे Ascent-K Circuit और Hosur में विस्तार पर काम कर रही है।
किन बातों पर रखें नज़र?
हालांकि, Q4FY26 में कमोडिटी कीमतों में बढ़ोतरी और करेंसी में गिरावट के कारण प्रॉफिट मार्जिन पर थोड़ा दबाव देखा गया। सप्लाई चेन में संभावित रुकावटों से निपटने के लिए कंपनी ने इन्वेंटरी बढ़ाई है, जिससे वर्किंग कैपिटल साइकिल्स पर असर पड़ा है।
कंपीटिशन में कौन?
Amber Enterprises, Dixon Technologies और PG Electroplast जैसी कंपनियों के साथ EMS सेक्टर में प्रतिस्पर्धा करती है। 'मेक इन इंडिया' पहल का फायदा सबको मिल रहा है, लेकिन Amber का रेलवे और डिफेंस में डायवर्सिफिकेशन इसे एक अलग पहचान देता है।