AEIL ने ऐलान किया है कि उन्होंने अपनी ज्वॉइंट वेंचर पार्टनर LCGC Resolute Appliances LLP की Amber Resojet Private Limited में बाकी 50% हिस्सेदारी ₹1.74 करोड़ में पूरी तरह खरीद लिया है। यह डील 10 अप्रैल, 2026 को फाइनल हुई, जिसके बाद Amber Resojet अब Amber Enterprises की 100% ओन्ड सब्सिडियरी बन गई है। इस इंटीग्रेशन से AEIL अपनी वॉशिंग मशीन मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस और फाइनेंशियल्स को पूरी तरह से consolidate कर पाएगी। यह कदम कंपनी के 3 अप्रैल, 2026 के नोटिफ़िकेशन और SEBI LODR रेगुलेशंस के अनुसार है।
इस एक्विजिशन का मुख्य मकसद Amber Enterprises को Amber Resojet के ऑपरेशंस पर सीधा कंट्रोल देना है, जिससे डिसीजन मेकिंग और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग में तेजी आएगी। Amber Resojet के फाइनेंशियल्स को पूरी तरह से consolidate करने से AEIL को सब्सिडियरी के कंट्रीब्यूशन का स्पष्ट विजन मिलेगा। यह कंपनी की अलग-अलग बिजनेस इंटरेस्ट्स को इंटीग्रेट करने की बड़ी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिससे कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर भी सरल होगा।
Amber Enterprises India Ltd मुख्य रूप से रूम एयर कंडीशनर (RAC) और उनके कंपोनेंट्स की एक प्रमुख मैन्युफैक्चरर है। कंपनी RACs से आगे बढ़कर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), रेलवे सबसिस्टम्स और डिफेंस कंपोनेंट्स जैसे क्षेत्रों में भी अपनी पैठ बना चुकी है। Amber Resojet, जो पहले AEIL और LCGC Resolute Appliances LLP का 50:50 ज्वॉइंट वेंचर था, फुली ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन और उनके पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग करता था। फाइनेंशियल ईयर 2025 (31 मार्च, 2025 को समाप्त) के लिए, Amber Resojet Private Limited ने ₹37.5 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था।
इन्वेस्टर्स अब Amber Resojet के ऑपरेशंस के AEIL की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन में स्मूथ इंटीग्रेशन पर बारीकी से नजर रखेंगे। वे यह भी देखेंगे कि फुल ओनरशिप से कंपनी को कैसे ऑपरेशनल फायदे मिलते हैं और Amber Resojet के consolidated फाइनेंशियल्स AEIL के ओवरऑल रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे प्रभावित करते हैं।