क्यों मिली राहत?
Amarjothi Spinning Mills ने अपने सालाना डिस्क्लोजर (annual disclosure) में बताया है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का कोई भी नया उधार (incremental borrowings) नहीं है और न ही डेट सिक्योरिटीज (debt securities) के जरिए कोई अनिवार्य उधार लिया गया है। इस वजह से, कंपनी SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट एंटिटी' के मापदंडों पर खरी नहीं उतर रही है।
'लार्ज कॉर्पोरेट एंटिटी' न होने का मतलब?
SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट एंटिटी' (LC) नियमों के तहत, कंपनियों को अपने नए उधार का एक बड़ा हिस्सा डेट सिक्योरिटीज के जरिए उठाना पड़ता है। साथ ही, उन्हें सख्त अनुपालन (compliance) और डिस्क्लोजर (disclosure) के नियमों का पालन करना होता है। Amarjothi Spinning Mills इस दायरे से बाहर है, जिसका मतलब है कि कंपनी को ये अतिरिक्त नियम और अनुपालन का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। इससे कंपनी को अपनी फाइनेंसिंग स्ट्रैटेजी (financing strategy) में ज्यादा आजादी मिलेगी।
SEBI के नियम क्या कहते हैं?
SEBI ने कॉर्पोरेट डेट मार्केट को मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क शुरू किया था। शुरुआत में, ₹100 करोड़ या उससे अधिक के लॉन्ग-टर्म बोरिंग्स और 'AA' क्रेडिट रेटिंग वाली लिस्टेड कंपनियों के लिए यह नियम थे। हाल ही में, इसे रिवाइज किया गया है और बोरिंग की सीमा बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ कर दी गई है। ये नए नियम 1 अप्रैल, 2024 से लागू हुए हैं।
साथियों का क्या है हाल?
टेक्सटाइल सेक्टर की कई कंपनियां जैसे Sangam India Ltd. और KPR Mill Limited ने भी FY26 के लिए 'लार्ज कॉर्पोरेट' का टैग नहीं मिलने की पुष्टि की है। Sangam India Ltd. का क्रेडिट रेटिंग 'AA' से नीचे गिर गया था, जबकि KPR Mill Limited पर कोई आउटस्टैंडिंग बोरिंग नहीं होने के कारण वह इस दायरे से बाहर रही। वहीं, Vardhman Textiles और Arvind Ltd. जैसी बड़ी कंपनियां अपने स्केल की वजह से LC स्टेटस के दायरे में आ सकती हैं।
आगे क्या देखना होगा?
- Amarjothi Spinning Mills के भविष्य के सालाना डिस्क्लोजर पर नजर रहेगी।
- SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट एंटिटी' वर्गीकरण के नियमों में कोई बदलाव होता है या नहीं।
- कंपनी की भविष्य की फाइनेंसिंग योजनाएं कैसी रहती हैं।
