SEBI नियमों के तहत प्रमोटर्स का बदला स्टेटस?
SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के रेगुलेशन 31A के तहत, Amalgamated Electricity Company Ltd के कई प्रमोटर्स ने अपनी पहचान बदलकर पब्लिक शेयरहोल्डर बनने की अर्जी दी है। इस अर्जी के पीछे वे यह साबित करना चाहते हैं कि कंपनी के संचालन में उनका कोई नियंत्रण नहीं है।
कौन हैं ये प्रमोटर्स और क्यों चाहते हैं बदलाव?
इस लिस्ट में मिसेज वीना डालल, जिनकी कंपनी में हिस्सेदारी सिर्फ 0.02% है, और CIFCO लिमिटेड, जिसकी हिस्सेदारी 0.07% है, जैसे नाम शामिल हैं। कुल सात प्रमोटर्स ने यह अनुरोध किया है। इनके अलावा मिस्टर सत्येन डालल (जिनकी हिस्सेदारी 0.03% है) और कुछ ऐसे व्यक्ति भी हैं जिनकी कोई हिस्सेदारी नहीं है, लेकिन वे भी इसी कैटेगरी में आना चाहते हैं। ये सभी लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि वे कंपनी के कंट्रोल या मैनेजमेंट में शामिल नहीं हैं और उनकी हिस्सेदारी सिर्फ निवेश के उद्देश्य से है।
रीक्लासिफिकेशन का मतलब और आगे की राह
SEBI रेगुलेशन 31A ऐसे प्रमोटर्स को पब्लिक शेयरहोल्डर कैटेगरी में शिफ्ट होने की अनुमति देता है, बशर्ते वे यह साबित कर सकें कि उनका कंपनी के ऑपरेशंस पर कोई कंट्रोल नहीं है। इस रीक्लासिफिकेशन से ये एप्लीकेंट्स आधिकारिक तौर पर 'पब्लिक शेयरहोल्डर्स' माने जाएंगे। चूंकि इनकी हिस्सेदारी काफी कम है, इसलिए इसका माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स पर खास असर नहीं पड़ेगा।
अब Amalgamated Electricity Company Ltd का बोर्ड इन अनुरोधों की समीक्षा करेगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी स्टॉक एक्सचेंजों और SEBI के पास अंतिम मंजूरी के लिए आवेदन करेगी। यह जानकारी 07 अप्रैल, 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को फाइल की गई थी।
